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Jhansi News: खतरे की रेखा को अफसर कर रहे अनदेखा

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- कहीं इमारत 60 साल पुरानी होने से छत से गिरने लगा प्लास्टर तो कहीं टपक रहा पानी
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पहले से ही जर्जर हो चुके बेसिक के कई स्कूलों की हालत बारिश में और खस्ता हो गई है। कहीं स्कूल की इमारत 60 साल पुरानी होने से छत से प्लास्टर गिरने लगा है तो कहीं बारिश का पानी टपक रहा है। यह हालात स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्टाफ के लिए भी खतरे की घंटी हैं।
चिरगांव ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय पावई की कक्षा की छत जर्जर स्थिति में होने से चारों तरफ सीलन तो है ही। साथ ही प्लास्टर भी टूटकर गिर रहा है। वहीं, बबीना के प्राथमिक विद्यालय खिरकन की छत से तेज बारिश में कक्षा में पानी भर रहा है। बबीना के ही पीएमश्री रसोई विद्यालय की हालत भी खस्ता है। इस विद्यालय ए ब्लॉक की बिल्डिंग 60 साल पुरानी है, जिसके कक्ष में छत का प्लास्टर टूटकर गिर रहा है। इसके कमरे भी पुराने मानक के हिसाब से बनाए गए हैं, जोकि बहुत छोटे हैं। इससे बच्चों को कक्ष में बैठने में भी परेशानी होती है। जबकि, बी ब्लॉक की लगभग 10 साल पहले बनी थी। इसकी छत पर पानी भर जाता है और प्लास्टर गिरने से सरिया तक दिखने लगी हैं। इससे हादसा होने की आशंका बनी है। प्रधानाचार्य राजीव जैन का कहना है कि खंड शिक्षा अधिकारी को समस्या से अवगत करा दिया गया है। वहीं, बड़ागांव के कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में तो बारिश का पानी भर गया है। इससे विद्यार्थियों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। बीएसए विपुल शिव सागर का कहना है कि टीम को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी। अगर कहीं कोई समस्या सामने आती है तो उसका तत्काल निस्तारण करवाया जाएगा।
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स्कूलों में बच्चों को हाईटेंशन लाइन का टेंशन
परिसर में विद्युत खंभे भी हैं लगे, हर समय रहता है जोखिम का खतरा

संवाद न्यूज एजेंसी

मोंठ। विकास खंड मोंठ के तीन सरकारी विद्यालयों के बच्चे खतरे के साये में पढ़ने को मजबूर हैं। तीनों विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है और विद्यालय भवनों की दीवारों से सटकर खंभे लगे हुए हैं, जिससे हर समय अनहोनी की आशंका बनी रहती है। इसे लेकर अभिभावक भी चिंतित रहते हैं।
विकास खंड के कंपोजिट विद्यालय ग्राम अटा, कंपोजिट विद्यालय ग्राम चदार और कंपोजिट विद्यालय ग्राम इमलिया स्टेट के ऊपर से हाईटेंशन लाइनें निकली हुई हैं। बारिश के मौसम में खंभों में करंट उतरने या गीली दीवारों में करंट फैलने की आशंका हर समय बनी रहती है। ग्रामीणों व शिक्षकों का कहना है कि कई बार इस संबंध में शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक विद्युत विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

खंड शिक्षा अधिकारी वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि ब्लॉक के जिन विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजरी हुई हैं, उनके संबंध में विद्युत विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजकर प्रभाव से विद्युत लाइन को विद्यालय परिसर से हटाने की मांग की है। उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया गया है।


बारिश के पानी से जलमग्न हुआ विद्यालय परिसर

संवाद न्यूज एजेंसी

मोंठ। क्षेत्र के नवीन प्राथमिक विद्यालय मोंठ का परिसर बारिश के पानी से जलमग्न बना हुआ है। स्थिति यह है कि विद्यालय में अध्ययनरत 80 बच्चों को पास के स्कूल में स्थानांतरित करना पड़ गया है। जलभराव की वजह से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ा हुआ है, जिससे बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है। लगातार जलभराव होने की वजह से विद्यालय भवन की नींव कमजोर पड़ चुकी है और उसमें दरारें आ गई हैं। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि जलभराव के चलते बच्चों की पढ़ाई बाधित हो गई है। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि बच्चों को समीपवर्ती विद्यालय में अस्थायी रूप से शिफ्ट कर दिया गया है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।


स्कूल में लगे खंभे में आए दिन उतर आता है करंट

संवाद न्यूज एजेंसी

चिरगांव। विकासखंड चिरगांव के अंतर्गत आने बाली ग्राम पंचायत छिरौना के कंपोजिट विद्यालय के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजरी है, जिससे हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है। इसकी शिकायत ग्राम प्रधान द्वारा कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन अब तक इस लाइन को हटाया नहीं गया है।
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ब्लाॅक मुख्यालय से एक किलाेमीटर दूर ग्राम छिरौना में नहर किनारे स्थित पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय को चिरगांव विकासखंड का आदर्श विद्यालय माना जाता है। विद्यालय परिसर में दो आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित हैं। जबकि, विद्यालय में 365 बच्चे अध्ययनरत हैं। प्रधान रवींद्र कुमार ने बताया कि विद्यालय के निकट बीएसएनएल का टावर लगा है। टावर के लिए हाईटेंशन लाइन विद्यालय के ऊपर से निकली हुई है। एक खंभा तो विद्यालय परिसर में ही लगा हुआ है। बारिश के मौसम में खंभे में आए दिन करंट जाता है।
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