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दुर्ग के परकोटा की दीवारों पर कब्जा

Sun, 25 Oct 2015 01:17 AM IST
ब्यूरो
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झांसी। कभी अजेय माना जाने वाला महानगर का ऐतिहासिक परकोटा के संरक्षण एवं रख रखाव पर अधिकारियों का ध्यान नहीं है। क्योंकि सांसद निधि से संरक्षित होने वाले प्रोजेक्ट में भी इसे जगह नहीं मिल पा रही है। इससे परकोटे की दीवारों पर सरकारी संस्थाओं के साथ आम लोग भी अतिक्रमण कर रहे हैं।
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इतिहास के पन्नों पर नजर डालें तो लगभग पांच से छह फीट चौड़े परकोटा की दीवार को प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेज भेद नहीं सके थे। लेकिन आजादी के पश्चात जन सामान्य एवं सरकारी संस्थाओं ने ही अतिक्रमण एवं भेद कर इसे जगह-जगह से क्षतिग्रस्त कर दिया। सूजे खां खिड़की के परकोटा की दीवार को तोड़कर जहां सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया, वहीं ऐतिहासिक भांडेरी गेट पर विद्युत ट्रांसफार्मर रखा गया है।

जबकि यहां लोगों ने भी अतिक्रमण कर लिया। इसके अलावा महानगर का ऐसा कोई भाग नहीं रहा, जहां मराठा राज्य की सुरक्षा करने वाले परकोटा को क्षतिग्रस्त न किया गया हो। दतिया गेट से लेकर अलीगोल तक जगह-जगह मकान व दुकान बना ली गई हैं।
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