नदी विकास एवं जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वह विकास कार्यों में अड़ंगा लगा रही है। आरोप लगाया कि पर्यटन सहित कई विकास योजनाएं केंद्र ने बनाईं, लेकिन प्रदेश सरकार ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। जाहिर है कि प्रदेश सरकार को विकास से कोई लेना-देना नहीं है। यह बात उन्होंने आंतिया तालाब के पास एक विवाह घर में आयोजित भारतीय जनता युवा मोर्चा के सम्मेलन में कही। वहीं, युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत पाठक ने कहा कि यूपी के थानों में पुलिस के भेष में डकैत रहते हैं।
उमा भारती ने कहा कि पहूंज नदी के उद्धार और विकास के लिए उन्होंने सौ करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया था। केंद्र सरकार इसके लिए पैसा देने को तैयार है, लेकिन राज्यांश नहीं मिल रहा है। जल संस्थान ने इसके लिए अब तक कोई प्रस्ताव नहीं भेजा है, जबकि वह कई बार वार्ता कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो झांसी और ललितपुर का तेजी से विकास होगा। क्षेत्र में विकास के बीज डाल दिए गए हैं, सरकार बदली तो इसका असर दिखाई देगा। बुंदेलखंड में पानी की कमी नहीं है, लेकिन कनेक्टीविटी नहीं है। इसराइल की तर्ज पर खेती होगी तो किसान समृद्ध होगा। आयुर्वेद विभाग को बीस करोड़ रुपये दिए गए, ताकि मेडिसनल प्लाटों को यहां विकसित किया जा सके। यहां की जलवायु इनके अनुकूल है। सब्जियां बहुतायत में उगाई जाती हैं, इसलिए यहां पर फूड प्रोसेसिंग पार्क की योजना है। लेकिन, राज्य सरकार का सहयोग नहीं मिल रहा है।
उन्होंने वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी के सहयोग से पर्यटन को बढ़ावा देने का प्लान बनाया था, ताकि झांसी, ओरछा, बानपुर, तालबेहट, खजुराहो और बिठूर को पर्यटन परिपथ से जोड़कर यहां की सड़कों को अच्छा बनाया जाता, लेकिन प्रदेश सरकार ने सहयोग नहीं किया और योजना आगे नहीं बढ़ सकी। उन्होंने दावा किया कि अब प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार अगले 20 साल तक नहीं आएगी। सपाइयों में जिस तरह से झगड़ा हुआ, उससे पार्टी के अंदर की रस्साकसी सामने आ गई है। बसपा की हैसियत भी सरकार बनाने की नहीं है। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है, लेकिन यह राज्य मोदी सरकार की कई योजनाओं से वंचित है। इसकी वजह सरकार का सहयोग नहीं करना है।
युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जिन नौजवानों के सहयोग से सरकार बनाई थी, उन्हें बेरोजगारी भत्ता, लेपटॉप, टेबलेट नहीं मिला। उन्हें रोजगार भी नहीं दिया गया, जिससे युवाओं का मोह भंग हो गया है। बुंदेलखंड में सपा की सरकार ने खनिज के नाम पर पांच हजार करोड़ रुपये की खुलेआम लूट की है। जनता माफ नहीं करेगी। आरोप लगाया कि उप्र में ईमानदार को जूतों से पीटा जा रहा है, थानों में पुलिस के भेष में डकैत रहते हैं। अखिलेश सरकार ने युवाओं को छला है। उन्होंने कहा कि जितना बड़ा अपराधी, उतना बड़ा समाजवादी आज की पहचान बन गए हैं। उन्होंने प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने का आह्वान किया।
इस मौके पर महापौर किरण वर्मा, विधायक रवि शर्मा, पूर्व मंत्री रवींद्र शुक्ल, महानगर प्र्रभारी प्रदीप चौबे, युवा सम्मेलन प्रभारी संजीव श्रंगीऋषि, चंद्रप्रकाश मिश्रा, युवा मोर्चा अध्यक्ष रोहित गोठनकर, प्रमोद विश्वकर्मा, डा. आशीष अग्निहोत्री, अमित साहू, अमित चिरवारिया, सौरभ रावत, शैलेंद्र प्रताप सिंह, विनीत खटीक उपस्थित रहे।
पूरी रौ में नजर आईं केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय मंत्री उमा भारती युवाओं के सम्मेलन में पूरी रौ में नजर आईं। आमतौर पर बीमारी की वजह से वह ज्यादा नहीं बोलती थीं, लेकिन अबकी बार माहौल बदला नजर आया। उन्होंने करीब आधा घंटा तक धाराप्रवाह तरीके से समाजवादी पार्टी की सरकार की बखिया उधेड़ी। उन्होंने यहां तक कहा कि प्रदेश सरकार ने उनके काम में इतने अड़ंगे लगाए कि जो भी अधिकारी काम करने की पहल करता था, उसका तबादला कर दिया जाता था। अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं। यदि बात करते भी हैं तो हां-हूं में जवाब देकर टाल देते हैं। लेकिन, सरकार बदलने पर सब सही हो जाएगा।
नेताओं के बोल पर बजी तालियां
- सुब्रत पाठक ने कहा कि पप्पू के जीजा के लिए केंद्र सरकार काम करती थी। प्रधानमंत्री मौनी बाबा थे। नोटबंदी से पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को नींद आनी बंद हो गई, अखिलेश भइया की मर्सडीज बंद हो गई और पप्पू भइया की बोलती बंद हो गई।
- लोकतंत्र की लड़ाई तलवार से नहीं, वोटों से जीती जाती है। सपा सरकार में गरीबों का नहीं, समाजवादी गुंडों का विकास हुआ।
- केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि छापामारी के बाद बैंकों में जो कालाधन आ रहा है, उससे बुंदेलखंड, झारखंड, मराठवाड़ा, उत्तराखंड और कालाहांडी का विकास तेजी से होगा।
- विपक्षी पूछते थे कहां है 56 इंच का सीना। नोटबंदी का फैसला कर प्रधानमंत्री मोदी ने इसे दिखा दिया।
- अब गरीब की बेटी की शादी आसानी से हो सकेगी। बेटी बचाओ अभियान इसलिए चलाना पड़ता है, क्योंकि दहेज नहीं देने की वजह से पिता गर्भ में ही उसका गला घोंट देते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। उन्होंने मंच से आह्वान किया कि बेटियां दहेज मांगने वालों का बहिष्कार करें। बेटी को बचाना है तो दहेज को बंद करना होगा।
- पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के सोने के कंगन पसीने की कमाई के हैं या जनता की लूट के, इसको लेकर संसद में खूब हंगामा होता था।
- सुब्रत पाठक ने डिंपल यादव के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन वह जीता हुआ चुनाव भी सपा सरकार के दबाव में हार गए।