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नर्स ने महिला मरीज को थप्पड़ मारा, हंगामा

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नर्स ने महिला मरीज को थप्पड़ मारा, हंगामा
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झांसी। मेडिकल कॉलेज के आकस्मिक विभाग में शनिवार की रात सांप काटने से पीड़ित महिला मरीज को एक नर्स ने थप्पड़ मार दिया। इससे हंगामा हो गया। अन्य मरीज दहशत में आ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस भी खानापूरी करके लौट आई। आरोप है कि बिना इलाज के ही महिला को अस्पताल से बाहर कर दिया गया। वहीं, पीड़ित परिवार आकस्मिक विभाग की व्यवस्थाओं को कोसता रहा।
सकरार के बसस्टैंड के पास रहने वाले कांग्रेस नेता महादेव सिंह राठौर की बहू ज्योति सिंह को शनिवार की शाम पांच बजे सांप ने काट लिया। इससे उनकी हालत बिगड़ गई। 10 जून को ही ज्योति की शादी कांग्रेस नेता के पुत्र अनुभव से हुई थी। सांप काटने का पता लगते ही रात करीब आठ बजे अनुभव पत्नी को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। चिकित्सक की देखरेख में मौजूद नर्सिंग स्टाफ ने इलाज शुरू कर दिया। इस बीच कोतवाली क्षेत्र के खजूर बाग में रहने वाले अनुभव के ताऊ सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर शंकर सिंह राठौर पत्नी सुशीला के साथ अस्पताल पहुंच गए। रात दस बजे ड्यूटी पूरी होने पर दूसरा नर्सिंग स्टाफ आ गया। दूसरी नर्स ने खून लेने के लिए ज्योति को चार पांच जगह से सुई लगाई। इस पर ज्योति ने कहा कि वह बार- बार जगह क्यों बदल रही हैं? आरोप है कि इस पर नर्स को बुरा लग आया और कहा कि ज्यादा बोलीं तो ऐसी जगह इंजेक्शन लगाऊंगी कि जिंदगी भर नहीं बोल पाओगी। ज्योति ने कहा कि आप ऐसा क्यों बोल रही हैं? आरोप है कि इस बात पर नर्स ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। इस बीच सुशीला ने नर्स की मोबाइल पर तस्वीर खींच ली। यह देख नर्स भड़क गईं और उन्होंने सुशीला को भी धक्का मारकर गिरा दिया। इस दौरान मौके पर पहुंचे अन्य स्टाफ ने सुशीला के बैग से मोबाइल निकालने का प्रयास किया। लेकिन वह उनसे भिड़ गईं। इससे देखते ही देखते आकस्मिक विभाग में हंगामे की स्थिति बन गई। भीड़ लग गई। अन्य मरीज भी दहशत में आ गए।
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इधर, शंकर सिंह ने डायल 100 पर मामले की सूचना दे दी। इस पर कुछ देर में पुलिस मौके पर पहुंच गई। इस बीच शंकर सिंह ने बताया कि उनके बेटा महोबा और बहू गोरखपुर में जज हैं तो नर्सिंग स्टाफ ने दुर्व्यवहार करना बंद कर दिया। आरोप है कि पुलिस भी खानापूरी करती रही। दोनों पक्षों को समझाबुझाकर वापस लौट गई। बाद में पीड़ित परिवार को बिना इलाज के ही अस्पताल से बाहर कर दिया गया। पीड़ित परिवार ने ज्योति का प्राइवेट अस्पताल में उपचार कराया।
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इस मामले में शंकर सिंह राठौर ने बताया कि अब उनकी बहू स्वस्थ है। मगर, इस घटना से उनके परिवार में बेहद क्षोभ है। उनका परिवार हाथ जोड़ता रहा, लेकिन स्टाफ ने बदतमीजी बंद नहीं की।अभद्रता करने वाली नर्स व अन्य स्टाफ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जरूर करेंगे। वहीं, मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक हरिश्चंद्र ने बताया कि दोनों पक्षों को समझा कर मामला शांत कर दिया गया था। साथ ही संबंधित परिवार अपने मरीज को अस्पताल से ले गया। अगर वह लिखित शिकायत देते हैं तो वह मामले की जांच करवाएंगे।
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