उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन से ननों को उतारे जाने के मामले में जीआरपी ने राष्ट्रभक्त अध्यक्ष अंचल अड़जरिया समेत तीन लोगों पर शांतिभंग की कार्रवाई की है। शुक्रवार सुबह तीनों को सिटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। यहां से तीनों को जेल भेज दिया गया।
19 मार्च को ट्रेन नंबर 08478 उत्कल एक्सप्रेस के कोच नंबर बी-2 में लीविया थोमस, हेमलता (ईसाई धर्म की नन) और श्वेता व बीतरंग को धर्मांतरण की सूचना पर उतार लिया गया था। जांच में मामला फर्जी निकलने के बाद चारों को छोड़ दिया गया था।
इस प्रकरण में जमकर हल्ला मचने के बाद गृह मंत्रालय ने पूरा मामला तलब किया था। आनन-फानन जांच कराई गई थी। प्रभारी एसपी सौमित्र यादव ने जांच पूरी कर रिपोर्ट लखनऊ भेज दी थी। गुरुवार की शाम गृह मंत्रालय से कार्रवाई का आदेश आते जीआरपी ने स्टेशन के पास से राष्ट्रभक्त संगठन के अध्यक्ष अंचल अड़जरिया, पुरुकेश अमरया को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने ट्रेन से सूचना देने वाले अजय शंकर तिवारी को भी पकड़ा। शुक्रवार सुबह तीनों को सिटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।