झांसी। अति गंभीर कुपोषित (सैम) बच्चों की पहचान, उनके प्रबंधन और ऑनलाइन ट्रैकिंग के संबंध में आईसीडीएस विभाग के बाल विकास परियोजना अधिकारी और मुख्य सेविकाओं को विकास भवन सभागार में तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि यूनिसेफ और वर्ड विजन इंडिया पार्टनरशिप के सहयोग से हुए प्रशिक्षण में सैम बच्चों की पहचान, प्रबंधन, मातृ और नवजात शिशु संबंधी पोषण, पोषण ट्रैकर एप पर सूचनाओं की फीडिंग के बारे में बताया गया। डीपीओ ने बताया कि अब पोषण ट्रैकर के अंतर्गत सैम बच्चे का पंजीकरण अनिवार्य होगा, जिससे बच्चे की स्थिति पर विभाग भी नजर रख सके। राष्ट्रीय स्वास्थ्यमिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक ऋषिराज ने बताया कि सैम बच्चों को स्क्रीनिंग के बाद उनके बेहतर इलाज के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र रेफर करना है। रेफर बच्चों की जानकारी ई-कवच एप पर भी दर्ज करनी है। यूनिसेफ के मंडलीय पोषण सलाहकार रजनीश गुप्ता, जिला कार्यक्रम समन्वयक अश्विनी यादव ने बताया कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन दे दिए गए हैं। प्रशिक्षण के बाद वह सभी ऑनलाइन कार्य करने में सक्षम हो जाएंगी। प्रशिक्षण स्टेट ट्रेनर देवेंद्र कुमार और अजय शंकर ने दिया।