झांसी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की सदस्यता लेने के लिए शासन ने अपनी नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत अब महिलाएं डिजिटल तरीके यानी फेस रिकॉग्निशन के बाद ही समूह से जुड़ सकेंगी। इससे समूह में फर्जीवाड़ा की समस्या खत्म हो जाएगी।
अब समूह की सदस्य बनने को इच्छुक महिलाओं का आधार सत्यापन कराने के साथ फेस रिकग्निशन भी अनिवार्य कर दिया गया है। यह प्रक्रिया होने के बाद ही समूह में महिलाओं को सदस्यता दी जाएगी। नई व्यवस्था का उद्देश्य वास्तविक लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करना और फर्जीवाड़े की संभावनाओं को समाप्त करना है। इससे समूह के गठन और संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ सही महिलाओं तक पहुंचेगा। फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा मोबाइल एप के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है। इसके जरिए आधार से जुड़े बायोमैट्रिक डाटा का सत्यापन किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले में 10315 नए समूह बनाने का लक्ष्य है। साथ ही इन समूह में करीब 1.25 लाख से अधिक महिलाओं को जोड़ा जाएगा। इसके लिए ग्राम स्तर पर अभियान चलाकर पात्र महिलाओं की पहचान की जा रही है। नए समूह में पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्ड धारक परिवार की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वरोजगार दिलाकर आर्थिक रूप से सशक्त बनना है। अब तक महिलाओं को आधार सत्यापन के आधार पर समूहों में शामिल किया जाता था, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रक्रिया अधिक सुदृढ़ और तकनीकी आधारित हो गई है। अधिकारियों के अनुसार इस नई प्रक्रिया से लाभार्थी की सही पहचान सुनिश्चित होगी और समूह के माध्यम से मिलने वाले ऋण, प्रशिक्षण व अन्य सुविधाओं का लाभ वास्तिविक महिलाओं को मिल सकेगा।
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नई प्रक्रिया के तहत ही समूह की महिलाओं को जोड़ा जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 का लक्ष्य विभाग को मिल चुका है। साल भर के लक्ष्य को महीनेवार डाटा तैयार कर महिलाओं को जाेड़ने का काम किया जाएगा। - एसके सिंह, डीसी, एनआरएलएम