संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए लोक निर्माण विभाग ने सड़कों के मानकों में बदलाव किया है। अब 150 से ज्यादा आबादी वाली मजरों को पक्के मार्गों से जोड़ा जाएगा। इसके लिए विभाग ने सर्वे शुरू कर दिया है। इसके साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव भी मांगे गए हैं। अभी तक यह 250 से ज्यादा आबादी वाले मजरों तक लागू था। हर ब्लॉक के जेई से इसी माह रिपोर्ट लेकर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
कई गांव-मजरें ऐसे हैं, जहां सड़कें नहीं है। सड़कों के अभाव में यहां का विकास अटका हुआ है। इसके पीछे एक वजह सड़कों के निर्माण में मानक की बंदिशें एक प्रमुख कारण बनी हुई थीं। इसमें अब शासन ने बदलाव की रणनीति तैयार करते हुए फेरबदल किया है। अब लोक निर्माण विभाग ने ऐसे मजरों और बसावटों का सर्वे शुरू कर दिया है, जहां की आबादी 150 के आसपास है।
अभियंताओं की टीमें गांवों में पहुंच रही है। सर्वे के दौरान मजरे से मुख्य सड़क तक की दूरी और आबादी को अंकित किया जा रहा है और इसे जिओ टैग भी करना होगा। टीम अधिकारियों को रिपोर्ट देंगी। इसके बाद विभाग इन मजरों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए सड़क निर्माण का प्रस्ताव तैयार करेगी और मंजूरी के लिए शासन को भेजा जाएगा। अभियंताओं को इस माह के अंत तक का समय दिया गया है। सभी सहायक अभियंताओं को इसकी लगातार मॉनीटरिंग करने के आदेश भी दिए गए हैं। अब आबादी क्षेत्र में जो बदलाव किया गया है, उससे कई मजरों में सड़क निर्माण के रास्ते खुल जाएंगे। यहां सड़क बनने से सूरत बदल जाएगी, साथ ही विकास भी होगा।
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अभी तक 250 आबादी वाले मजरों को ही मुख्य मार्ग से जोड़ा जाता था, अब इसमें बदलाव कर यह संख्या 150 कर दी गई है। ऐसे मजरों और बसावटों का सर्वे भी शुरू कर दिया गया है। मजरें चिह्नित कर सड़क निर्माण के प्रस्ताव तैयार होंगे, जिन्हें मंजूरी के लिए शासन को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही मजरों को मुख्य मार्ग से जोड़ा जाएगा। - अवधेश कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग झांसी