झांसी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा संरक्षित ऐतिहासिक दुर्ग एवं रानी महल में सैलानियों को अब एक दिन में एक पहचान पत्र पर ऑनलाइन पांच टिकट ही आवंटित हो पाएंगे। अभी तक एक आईडी पर सैलानी कई टिकट ऑनलाइन हासिल कर लेते थे। टिकटों में आधार कार्ड नंबर भी अपलोड होगा। यह नई व्यवस्था महानिदेशालय द्वारा की गई है। वहीं, लक्ष्मीबाई के दुर्ग एवं किला में सात जुलाई के बाद से अब तक करीब 46 हजार सैलानी भ्रमण कर चुके है।
कोरोना संक्रमण से बचाव के कारण मार्च से जुलाई के पहले सप्ताह तक सभी पुरातत्व स्मारकों में सैलानियों का प्रवेश रोक दिया गया था। सरकार के निर्देश पर सात जुलाई से किला और रानी महल के द्वार सैलानियों के लिए खोल दिए गए थे। सैलानी कोरोना से बचे रहे इसके लिए पुरातत्व स्मारकों पर सैलानियों को ऑनलाइन टिकट ही दिए जा रहे है। नई व्यवस्था के तहत अब सैलानियों को एक पहचान पत्र (आईडी) पर एक दिन में सिर्फ पांच टिकट ही मिल पाएंगे। किला में ऑनलाइन टिकट 20 रुपये का है। इसके साथ ही रानी महल एवं ललितपुर के देवगढ़ में भी सैलानियों को ऑनलाइन टिकट लेना पड़ता है। संरक्षा सहायक अभिषेक सिंह के अनुसार सात जुलाई से अब तक रानी महल व किला में करीब 46 हजार सैलानी भ्रमण कर चुके है।