अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बिजौली में जल्द ही 320 मीट्रिक टन का सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट शुरू हो जाएगा। ट्रायल रन के दौरान जो कमियां सामने आई थीं, उन्हें दूर कर लिया गया है। अब प्लांट से न तो गंदा पानी बाहर निकलेगा और न ही दुर्गंध आएगी। यहां गीले कचरे से खाद भी बनाई जाएगी।
बिजौली में 320 मीट्रिक टन का प्लांट जल्द शुरू होगा। ट्रायल रन के दौरान सामने आईं कमियों को दूर कर लिया गया है। अब प्लांट से किसी तरह का गंदा पानी या फिर दुर्गंध नहीं फैलेगी। किसी भी व्यक्ति को कोई परेशानी नहीं होगी। - सत्य प्रकाश, नगर आयुक्त।
नगर निगम ने 2009 में प्लांट की स्थापना की थी। वर्ष 2012 में हैदराबाद की कंपनी ने प्लांट का संचालन शुरू किया था। कुछ समस्या आने पर हैदराबाद की कंपनी ने प्लांट बंद कर दिया था। 2021 में इस प्लांट की क्षमता बढ़ाई गई। शासन की ओर से पीपीपी मोड पर प्लांट संचालन की निविदा निकाली गई। अभी पीपीपी मोड पर प्लांट संचालित है। 13 जुलाई 2024 से प्लांट का ट्रायल शुरू हुआ, जो 19 सितंबर को पूरा हो गया।
ट्रायल रन के दौरान लीचेड (कचरे से निकलने वाला गंदा पानी) और दुर्गंध की समस्या हुई। नगर निगम ने फर्म को समस्या दूर करने के निर्देश दिए। इसके बाद फर्म ने प्लांट में लीचेड ट्रीटमेंट प्लांट बनाया है। यहां पर ही कचरा से निकलने वाला गंदा पानी एकत्र करके साफ किया जाएगा। प्लांट से किसी तरह की दुर्गंध बाहर न निकले, इसके लिए केमिकल का छिड़काव किया जाएगा। छिड़काव के लिए बायो कल्चर का उपयोग किया जाएगा। ये प्लांट शुरू होने के बाद नगर निगम को कहीं और कचरा डंप करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एकत्र होने वाले गीले कचरे से खाद बनाई जाएगी। जबकि, अनुपयोगी सूखे कचरे को सीमेंट फैक्टरी में जलाने के लिए भेज दिया जाएगा।
ये भी जानें
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- महानगर की आबादी करीब छह लाख है
- महानगर से रोज 250 से 300 मीट्रिक टन कचरा निकलता है
- नगर निगम घरों से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कराता है
- कूड़ा कलेक्शन के लिए 190 छोटे, 30 बड़े वाहन चल रहे हैं
ये काम भी कराया गया
प्लांट की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। बाउंड्रीवाल के चारों तरफ पौधरोपण कराया गया। जल्द ही प्लांट तक पहुंचने के लिए सड़क निर्माण का कार्य कराया जाएगा। अभी यहां का मार्ग कच्चा है।
अभी बिजौली में ही डंप साइट में डलता कूड़ा
नगर निगम की बिजौली में डंप साइट है, जहां पर महानगर से निकलने वाला अधिकांश कूड़ा डाला जा रहा है। इसके अलावा करारी, राजगढ़ में मैटेरियल रिकवरी फैक्टरी में ले जाकर मैटेरियल की रिकवरी की जाती है।
-फोटो 58 : कार्यक्रम का शुभारंभ करते मुख्यातिथि डॉ. राजेश कुमार व साथ मौजूद प्राचार्य। स्रोत कॉ