मंडलायुक्त कुमुदलता श्रीवास्तव ने कहा कि यदि हम तकनीक का अधिक से अधिक इस्तेमाल करेंगे तो विकास में तेजी व कार्य में पारदर्शिता आएगी। यू ट्यूब चैनल बनाकर विभागीय कार्यों और योजनाओं का लाभ ले रहे लोगों का वीडियो बनाकर अपलोड करें तो योजना का प्रचार-प्रसार होगा।
विकास भवन में हुई आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग की ई-गवर्नेंस कार्यशाला में उन्होंने कहा कि अधिकारी पूर्ण क्षमता का इस्तेमाल कर कार्यशाला का लाभ उठाएं। कार्यशाला में सोशल मीडिया का इस्तेमाल कैसे हो, जिससे गोपनीयता भी बनी रहे और जिन्हें संदेश दिया जाना है उन तक पहुंचे भी, इसकी जानकारी दी गई।
जन समस्याओं के निस्तारण के लिए सीएम हेल्पलाइन (1076) को अधिक से अधिक प्रभावशाली बनाने की ट्रेनर द्वारा जानकारी दी गई। श्रीट्रान इंडिया लिमिटेड लखनऊ से आए विषय विशेषज्ञ मनोज गुप्ता, भानुप्रताप सिंह, धर्मेद्र कुमार व रिया सिंह ने प्रस्तुतीकरण किया। मनोज गुप्ता ने कहा कि ई-गवर्नेंस का मतलब सरकारी कार्यों को ऑनलाइन सर्विस के माध्यम से जनता तक आसानी से पहुंचाना है, जिससे कार्यालयों तथा जनता दोनों के पैसे और समय की बचत हो सके।
ई-डिस्ट्रिक्ट कार्यक्रम पर भी चर्चा की गई। बताया कि इस परियोजना में 75 हजार से अधिक जनसेवा केंद्रों के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में 32 विभागों की 247 महत्वपूर्ण नागरिक सेवाएं जैसे जन्म-मृत्यु, आय, जाति प्रमाण पत्र के साथ जनवितरण प्रणाली एवं रोजगार पंजीकरण आदि सुविधाएं आनलाइन दी जा रही हैं, जिससे अभी तक 18 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित हो चुके हैं। इस अवसर पर सीडीओ निखिल टी. फुंडे, आरटीओ ओपी सिंह, डीएलसी रचना केसरवानी, मंडलीय व जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। आभार उप निदेशक अर्थ एवं सांख्यकी संजय श्रीवास्तव ने जताया।