Now distric prisoner will free but out of distric wait
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सरकार की सख्ती का असर जेल से रिहा होने वाले बंदियों पर भी पड़ा है। सीमाएं पूरी तरह सील होने के कारण अब केवल झांसी जिले के ही बंदियों की रिहाई होगी, जबकि बाहरी बंदियों को अब इंतजार करना पडे़ेगा।
कोरोना वायरस की दहशत के चलते बंदियों को छोड़े जाने का निर्णय लिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने जेलों से सात-सात साल की सजा वाले कैदियों को छोड़े जाने का आदेश दिया था। जेल प्रशासन ने सभी की सूची तैयारी कर मुख्यालय भेजी थी।
इनमें तीन सौ बंदी शामिल थे। ऐसे करीब 300 बंदियों को छोड़े जाने के लिए सूची बनाकर मुख्यालय भेज दी गई थी। इसको लेकर जेल प्रशासन ने अपनी तैयारी पूरी कर ली थी। रविवार को सभी को छोड़े जाने के आदेश भी मुख्यालय आ गए थे।
इसी बीच रविवार रात जिले से बाहर न आने जाने के आदेश सरकार ने दिए थे, इसके चलते बाहरी जिले के बंदियों की रिहाई पर रोक लगा दी गई। अब केवल झांसी जिले के पचास से अधिक बंदियों को ही मुचलके पर छोड़ा जाएगा।
बकाया बाहरी बंदियों को अब छोड़े जाने की इजाजत नहीं मिलेगी। झांसी जिले के बंदी मंगलवार को छोड़ जाएंगे। देर रात सरकार की सख्ती का आदेश आने के बाद जेल प्रशासन में भी खलबली मची थी। प्रशासनिक अधिकारियों से भी जेल प्रशासन की कई बार वार्ता हुई।
सीमाएं पूरी तरह सील करने के आदेश के बाद अब झांसी जिले के ही बंदी छोड़े जाएंगे। सोमवार को बंदियों को छोड़ने की तैयारी थी, लेकिन एनवक्त पर आदेश आने के बाद अब ऐसे बंदियों को मंगलवार को छोड़ा जाएगा। बकाया बाहरी बंदियों को रिहा करने के लिए अगले आदेश का इंतजार करना होगा।
- राजीव शुक्ला, वरिष्ठ जेल अधीक्षक