दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग से इलाज के लिए मिलेंगे छह लाख रुपये
कृत्रिम चिकित्सा उपकरण के लिए 25 मई तक करें आवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। मूकबधिर बच्चे अब सुनने के मोहताज नहीं होंगे। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से संचालित शल्य चिकित्सा योजना के तहत पांच वर्ष तक के मूकबधिर बच्चों की निशुल्क सर्जरी कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि कुछ बच्चों एवं शिशुओं में जन्म से सुनने एवं बोलने में दिक्कत होती है, जिसका समय पर इलाज न कराने के कारण यह समस्या जीवन भर बनी रहती है। जन्मजात बच्चों में बोलने एवं सुनने में दिक्कत होने की समस्या को दूर करने के लिए ही काॅक्लियर इम्प्लांट सर्जरी कराई जाती है। यह जानकारी मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद ने विकास भवन सभागार में दी।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कृष्णपाल सिंह ने बताया कि काॅक्लियर इम्पलांट एक छोटा इलेक्ट्राॅनिक चिकित्सा उपकरण होता है, जिसे सर्जरी के दौरान बच्चे के कान के भीतरी एवं बाहरी हिस्से में फिट किया जाता है, जिससे सुनने की क्षमता बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि इच्छुक अभिभावक बच्चों की सर्जरी कराने के लिए प्रार्थनापत्र 25 मई तक जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी के कार्यालय विकास भवन में जमा कर सकते हैं।