Now asking every information from traveller
झांसी। कोरोना महामारी के चलते स्पेशल ट्रेनों के आरक्षित टिकट में यात्रियों से राज्य, जिला, पोस्ट ऑफिस व पिनकोड की जानकारी मांगी जा रही है। कंप्यूटर ये सभी जानकारियां लेने के बाद ही टिकट जारी कर रहा है। चूंकि, आरक्षित फार्म में यह कॉलम अभी नहीं हैं, इससे कई यात्री कर्मचारियों से बहस भी करने लगते हैं।
कोरोना महामारी के कारण 23 मार्च से ट्रेनों का संचालन बंद चल रहा है। देश भर में सिर्फ अप और डाउन की 30 राजधानी स्पेशल व 200 मेल, एक्सप्रेस ट्रेनें चलाईं जा रही हैं। इनमें अप और डाउन की आठ स्पेशल राजधानी और 28 मेल, एक्सप्रेस ट्रेनें झांसी से होकर गुजर रहीं हैं। शुरूआत में इन ट्रेनों में सिर्फ ऑनलाइन टिकट बन रहे थे, लेकिन 22 मई से आरक्षण खिड़कियों पर भी टिकटों का बनना शुरू हो गया। अभी तक आरक्षण फार्म में नाम, पता, मोबाइल नंबर, लिंग, उम्र जैसी जानकारियां ही भरवाई जातीं थीं। लेकिन कोरोना महामारी के चलते अब कंप्यूटर में यात्री के राज्य, जिले व पोस्ट ऑफिस का नाम तथा पिनकोड नंबर भी अनिवार्य रूप से पूछा जा रहा है। रेलवे का मानना है कि ये अतिरिक्त जानकारियां भरवाने से यात्री का पता लगाना आसान हो जाएगा। अगर वह जांच के दौरान कोरोना पीड़ित निकलता है या उसके कोच में कोई दूसरा यात्री। तो ऐसे में संबंधित यात्रियों को भी क्वारंटीन करने में आसानी रहेगी।