झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल द्वारा एक क्लिक करते ही 59,145 छात्र-छात्राओं की डिग्रियां डिजिलॉकर पर उपलब्ध हो गईं। डिजिटल प्रारूप में इनके प्रमाणित होने पर अब छात्र-छात्राओं को काफी सहूलियत हो गई है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों को डिजिलॉकर में उपलब्ध डिग्री, मार्क्सशीट, दस्तावेजों को वैध प्रमाणपत्रों के रूप में स्वीकार करने का आदेश जारी कर चुका है। अकादमिक संस्थानों द्वारा डिजिटल प्रारूप में रखे गए अकादमिक पुरस्कारों, डिग्री और अंकपत्रों का ये ऑनलाइन भंडार है। जो कि छात्रों को सीधे डिजिटल प्रारूप में प्रामाणिक दस्तावेज और प्रमाणपत्र प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करता है। शैक्षणिक संस्थान डिजिलॉकर राष्ट्रीय अकादमिक निक्षेपागार (एनएडी) पोर्टल के जरिए अपना पंजीकरण करा सकते हैं। बीयू ने वर्ष 2015 से 2020 तक की डिग्रियों को डिजिलॉकर पर उपलब्ध करा दिया था। पहली बार दीक्षांत समारोह के दिन ही मंगलवार को वर्ष 2021-22 के 59,145 छात्रों की डिग्रियां भी डिजिलॉकर पर उपलब्ध हो गईं।