झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में अब ग्यारह जनवरी से पीएचडी कोर्स वर्क का श्रीगणेश होगा। करीब साढ़े तीन माह सेशन लेट होने के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन इसे शुरू करने में सफल हो पाया है।
पीएचडी कोर्स वर्क में करीब 200 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। कोर्स वर्क की परीक्षा जुलाई 2015 के प्रथम सप्ताह में हुई थी। इसके बाद पूर्व कुलपति प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय ने अधिकारियों को सितंबर से पीएचडी कोर्स वर्क शुरू करने के निर्देश दिए थे लेकिन एकेडमिक देख रहे अधिकारी इसमें नाकाम हो गए।
इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कोर्स वर्क शुरू करने में तारीख पर तारीख देने का दौर चला लेकिन अक्तूबर, नवंबर और फिर दिसंबर महीना बीत जाने के बावजूद अधिकारी पीएचडी कोर्स वर्क शुरू करने में सफल नहीं हो पाए। लंबित संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद अब कहीं जाकर विश्वविद्यालय ग्यारह जनवरी से कोर्स वर्क शुरू करने जा रहा है।
इसकी सूचना बीयू की वेबसाइट www.bujhansi.org पर अपलोड कर अभ्यर्थियों की ई-मेल आईडी पर भी कोर्स वर्क शुरू होने से संबंधित सूचना दे दी गई है। छह माह तक कोर्स वर्क चलने के बाद परीक्षा होगी। परीक्षा में पास होने वाले अभ्यर्थियों की काउंसलिंग होगी। फिर आरडीसी कराकर अभ्यर्थियों को शोध शीर्षक व शोध पर्यवेक्षक आवंटित कर दिए जाएंगे। तत्पश्चात वह अपना शोध कार्य शुरू कर सकेंगे।
नया सत्र भी होगा विलंबित
सत्र 2015-16 के पीएचडी कोर्स वर्क के लिए अप्रैल में एंट्रेंस टेस्ट को आवेदन खोल दिए गए थे। इसके बाद तीन जुलाई को परीक्षा संपन्न हुई थी। चूंकि, अब जून तक यही कोर्स वर्क चलेगा। इसके बाद परीक्षा और आरडीसी होगी, जिसमें दो से ढाई महीने का समय लग जाएगा। इससे स्पष्ट है कि सत्र 2016-17 के लिए होने वाला पीएचडी कोर्स वर्क भी विलंबित होगा। अधिकारियों के ढुलमुल रवैये का परिणाम अभ्यर्थियों को तीन से चार माह बर्बाद करके भुगतना पड़ेगा।