झांसी। उपन्यास सम्राट वृंदावन लाल वर्मा की जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और स्वयंसेवी संगठनों द्वारा उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया गया। वक्ताओं ने उनकी रचनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वृंदावन लाल वर्मा की देश ही नहीं पूरे विश्व में अपनी एक अलग पहचान हैं। सरकार द्वारा उन्हें पदम्भूषण से भी नवाजा है।
इसी क्रम में वृंदावन लाल वर्मा पार्क में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें उपन्यासकार की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य एवं साहित्यकार हरगोविंद कुशवाहा ने बताया कि उपन्यासकार ने गढ़कुंडार, झांसी की रानी, मृगनयनी, विराठा की पद्मिनी जैसी श्रेष्ठ कृतियों से झांसी का नाम अमर कर दिया। उनके सम्मान में डाक टिकट भी निकाला गया है। कार्यक्रम में विपिन बिहारी इंटर कॉलेज में आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता के विजेता छात्र रितेश पाल, सुमित, यश वर्मा को पुरस्कृत किया गया।
इस मौके पर सचिव इं. मधुर वर्मा, सुदर्शन शिवहरे, मीना वर्मा, श्वेता वर्मा, श्लोक वर्मा, बृजेंद्र यादव, संगीत कला नाट्य अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ. धन्नूलाल गौतम, व्यापारी नेता संजय पटवारी, बुंदेलखंड विश्व हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. पुनीत बिसारिया, महापौर रामतीर्थ सिंघल, कुंज बिहारी गुप्ता, मोहन नेपाली, सीताराम श्रीवास्तव, सहसचिव मनमोहन मनु, नीति शास्त्री, वीरेश्वर शुक्ला, रामप्रकाश अग्रवाल, प्रदीप मेहरोत्रा, विष्णुकांत अग्रवाल, पुरुषोत्तम स्वामी, दिनकर सक्सेना, चित्रगुप्त, प्रमोद गुप्ता, शशिभूषण कनकने आदि मौजूद रहे।
इधर, बुंदेलखंड साहित्य कला संस्थान के तत्वावधान में संस्थान कार्यालय पर पद्मभूषण बाबू वृंदावन लाल वर्मा की जयंती पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया गया। अध्यक्षता करते हुए रवीश त्रिपाठी ने कहा कि वृंदावन लाल वर्मा का व्यक्तित्व अमूल्य एवं अद्वितीय है। उनके द्वारा रचित साहित्य को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। इस मौके पर अखिलेश पांडेय, विनोद साहू, राजकुमार अमरया, अनिल श्रीवास्तव, सुभाष चौरसिया, ऋषभ त्रिपाठी, संजीव दुबे, अनिल गुप्ता, सुभाष चौरसिया, प्रदीप सोनी, महामंत्री अंकुर अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
वहीं, बीकेडी में डॉ. रामशंकर भारती की कथा देवास्वामिन का एकल पाठ किया गया। इस मौके पर साकेत सुमन चतुर्वेदी, देवेंद्र भारद्वाज, निहालचंद शिवहरे, लक्ष्मीनारायण शर्मा, अजय दुबे, आरिफ शहडोली, साकेत सुमन, प्रेमकुमार गौतम, आर.बी मौर्य आदि मौजूद रहे।
इसके साथ ही श्री गणेश शंकर विद्यार्थी पत्रकारिता उन्नयन समिति द्वारा पत्रकार भवन में वरिष्ठ साहित्यकार जगदीश खरे, वरिष्ठ लेखक उदय त्रिपाठी के मुख्य आतिथ्य में एवं प्रवीण कुमार जैन की अध्यक्षता में वृंदावन लाल वर्मा की जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें वक्ताओं ने उनकी रचनाओं पर प्रकाश डाला। इस मौके पर मोहन नेपाली, रमेश तिवारी, रघुवीर शर्मा, बसु जैन, हरीकृष्ण चतुर्वेदी, मनमोहन मनु, अशोक श्रीवास्तव, अरुण द्विवेदी, मदनलाल बबेले, साजिया खान, वैशाली तिवारी, फारुख खान आदि मौजूद रहे।
वहीं, पानी वाली धर्मशाला स्थित कायस्थ सभा द्वारा प्राचीन स्थल भगवान चित्रगुप्त मंदिर पर बुंदेलखंड के कथाकार वृंदावन लाल वर्मा को याद किया गया। इस मौके पर मुख्य संरक्षक शिवप्रताप वर्मा एवं अंबरीश सक्सेना के संयुक्त मुख्य आतिथ्य में एवं अध्यक्षता के.पी श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जयंती का आयोजन किया गया। जिसमें सर्वप्रथम अतिथियों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर हरीओम सक्सेना, रामकुमार खरे, अतुलेस सक्सेना, मनीष श्रीवास्तव, प्रणय श्रीवास्तव, रवीश त्रिपाठी, सूर्या, मंगल, अभय स्वरुप श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।