संवाद न्यूज एजेंसी
मोंठ। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत कर्मचारियों की हड़ताल पर स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिशिर पुरी ने सीएचसी मोंठ का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने हड़ताल से संबंधित पेंफलेट हटवाए और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीएमओ ने दवा वितरण, टीकाकरण और इमरजेंसी समेत कई विभागों की व्यवस्थाएं परखीं। उन्होंने फार्मासिस्ट से दवाओं की उपलब्धता और वितरण की जानकारी ली। रजिस्टरों की जांच कर दवाओं का पूरा विवरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए। ट्रामा सेंटर के इमरजेंसी कक्ष में दवाओं की उपलब्धता जांची और ऑक्सीजन सिलिंडर चलाकर देखा। सीएमओ ने आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल उपचार देने के निर्देश दिए। प्रसव कक्ष में महिलाओं से उपचार शुल्क के संबंध में जानकारी ली। महिलाओं ने किसी प्रकार का शुल्क न लिए जाने की बात कही। उन्होंने ओपीडी में चिकित्सकों से भी स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा की।
इस दौरान सीएचसी अधीक्षक माता प्रसाद राजपूत ने बताया कि 253 हड़ताली कर्मचारियों को नोटिस जारी किया। उन्हें तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। इनमें 172 आशा बहुएं, 29 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) और 19 एएनएम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 27 संविदा कर्मचारी और छह मेडिकल अफसर भी हड़ताल में शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान डिप्टी सीएमओ अंशुमान तिवारी भी मौजूद रहे।