फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बहुत कुछ खोया है नोटा वालों ने, अब एक योद्वा बनकर खड़ा है यह गांव

विज्ञापन
विज्ञापन
बंगरा (झांसी) ग्राम पंचायत नोटा मेें 20 लोगों को कोरोना ने छीन लिया। गांव के तकरीबन हर घर में खांसी-जुकाम और बुखार ने पांव पसारे। आए दिन घरों से उठती अर्थियों ने हर गांववासी में दहशत पैदा की। पूरा गांव चिंता में था कि कैसे महामारी को गांव से दूर किया जाए। इसके बाद जब टीकाकरण शुरू हुआ, तो ग्रामीणों ने पूरे जोश और जज्बे के साथ आगे बढ़कर टीका लगावाया। साथ ही पूरे जिले में सबसे पहले टीकाकरण पूरा कराने का तमगा हासिल किया। टीका लगवाने के बाद गांव में किसी को कोई दिक्कत भी नहीं हुई। अब गांव वाले आसपास के गांवों में भी जागरूकता फैला रहे हैं।
विज्ञापन

टीका ही बचाएगा मुहिम के तहत अमर उजाला ने हकीकत जानी तो पता चला कि यहां लोगों में वैक्सीन को लेकर कोई भी भ्रम नहीं है। ग्राम प्रधान ने बताया कि दूसरी लहर में ग्रामीणों का कोरोना संक्रमित होने का
सिलसिला लगातार जारी रहा। गांव के लगभग 20 लोगों की कोरोना से जान भी चली गई। 773 परिवारों वाले गांव में लगातार मौतों का असर यह हुआ कि लोगों ने एक दूसरे से बात करना बंद कर दिया और घर से बाहर निकलना छोड़ दिया।
विज्ञापन

वैक्सीनेशन शुरू हुआ तो गांव के 45 से अधिक आयु के लोगों और 18 साल से ज्यादा उम्र वालों ने अफवाहों को मात देकर गांव और खुद की सुरक्षा के लिए टीका लगवाया और शत प्रतिशत टीकाकरण के मामले में प्रथम स्थान प्राप्त किया। ग्राम प्रधान शंभूदयाल पटेल का कहना है अब गांव के लोग कोविड से एक भी मौत नहीं देखना चाहते। उन्होंने कहा इसमें स्वास्थ्य टीम का बड़ा योगदान रहा है।
----------------
सबसे पहले 40 किलोमीटर दूर जाकर लगवाया टीका
गांव के कौशल किशोर पांडे गांव के पहले ऐसे सदस्य हैं, जिन्होंने सबसे पहले वैक्सीन लगवाई। इसके लिए उन्होंने ऑनलाइन स्लॉट बुक किया और 40 किमी दूर बंगरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर टीका लगवाया। गांव आते ही दूसरे लोगों को भी वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित किया। वहीं गांव में टीकाकरण शुरू हुआ तो केंद्र पर सबसे पहले हेमंत पटेल पहुंचे। इसके बाद परिजनों और आसपास के लोगों को भी टीका लगवाने के लिए केंद्र लेकर गये हेमंत पटेल ने बताया गांव में जागरूकता फैलाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
------------
एक नजर में गांव
गांव में परिवार:773
कुल आबादी: 4523
वैक्सीन लगीं: 2447
18 से 44 उम्र वालों को लगी वैक्सीन: 1457
45 से अधिक उम्र वालों को लगी वैक्सीन: 990
महिलाओं को लगा टीका: 966
पुरुषों को लगा टीका:1481
--------------
महिलाओं में लगातार जागृति फैलाई और स्वयं टीका लगवाकर कई लोगों को वैक्सीन लगवाई।- भाना देवी
----------
वह वैक्सीनेशन के समय परिवार सहित बाहर थे, लेकिन समय पर गांव पहुंचकर सभी का टीकाकरण कराया।- ज्ञान परिहार
गांव के लोगों से पुराना लगाव रहा है। मैनें सभी समाज के लोगों में जागृति फैलाकर लोगो को वैक्सीन लगवाई।- आशा पांडेय
हर वर्ग को समझा बुझाकर घरों से बाहर निकाल कर टीका लगवाया। कोरोना ने गांव में बहुत नुकसान किया है।- पवन कुमार चौधरी
दूसरी लहर में गांव और आसपास प्रत्येक गांव में बहुत जनहानि हुई। इसे भुलाया नहीं जा सकता है।- हेमंत पटेल
गांव के प्रधान और स्वास्थ्य टीम का धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने मिलकर गांव में शत प्रतिशत टीकाकरण कराया। - बाल किशन सेन
गर्व की बात है कि अपना नोटा गांव जिले में पहले स्थान पर रहा है। मेरे पूरे परिवार ने वैक्सीनेशन करा लिया है।- कौशल किशोर पांडेय
प्रत्येक व्यक्ति पहली और दूसरी डोज ले चुका है, अधिकतर लोगों को दूसरी डोज भी लग चुकी है। अब बच्चों का भी वैक्सीनेशन हो।- सुनील दुबे
कोरोना से जंग जीतना है तो सभी को वैक्सीन लगवाना आवश्यक है, सभी लोग बैक्सीन लगवाएं और नियमों का पालन करें।- चंद्रशेखर पटेल
गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बहुत मेहनत की। अब लोग सभी तरह से सुरक्षा का ध्यान रख रहे हैं। - कल्लू पाल
नोटा ग्राम पंचायत के प्रत्येक नागरिक ने मिलकर स्वास्थ्य टीम का सहयोग किया है। जिससे ये मुकाम हासिल हुआ। नोटा गांव शत प्रतिशत टीकाकरण में जिले का पहला गांव बन चुका है। बंगरा स्वास्थ्य केंद्र लगातार कैंप गांवों में वैक्सीनेशन करवा रहा है। - डॉ. वैभव पुरोहित, चिकित्सा अधीक्षक स्वास्थ्य केंद्र बंगरा
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें