झांसी। नूडल्स को स्वादिष्ट बनाने वाले मसाले मिलावट की चपेट में हैं। तीन कंपनियों के सात मसाले के सैंपल फेल हुए हैं। इसके अलावा कोल्ड ड्रिंक के भी दो नमूने फेल हुए हैं।
मैगी नूडल्स की बिक्री पर लगी रोक भले ही हट गई हो, परंतु अब भी नूडल्स पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हैं। यह खुलासा खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) की जांच में हुआ है। एफडीए की टीम द्वारा 30 मई को वरुण ट्रेडर्स से मैगी नूडल्स के दो, तीन जून को विशाल मेगा मार्ट से टॉप रेमन सुपर नूडल्स का एक, 10 जून को अग्रवाल डिस्ट्रीब्यूटर से यिप्पी नूडल्स के दो तथा थोक विक्रेता मनीष के यहां से मैगी नूडल्स के दो नमूने भरे गए थे।
इन सभी नमूनों को जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट आ गई है। जांच में उक्त सभी नूडल्स के साथ मिलने वाले टेस्ट मेकर (मसाला) में मिलावट पाई गई है। इसके अलावा 10 अक्तूबर को एफडीए द्वारा वरुण वेबरेज से पेप्सी व सेवन अप का एक-एक नमूना लिया था। दोनों पेय पदार्थों में मिस ब्रांडिंग पाई गई है।
एफडीए के अभिहित अधिकारी आर के गुप्ता ने बताया कि उक्त सभी नमूनों से संबंधित विक्रेता व निर्माताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। तदुपरांत, न्यायक निर्णायक अधिकारी /अपर जिलाधिकारी की अदालत में वाद दायर किया जाएगा।