झांसी। क्या पुलिस और प्रशासनिक अफसर इतने व्यस्त हो गए कि इनके पास एक नवजात का हाल जानने का भी वक्त नहीं है। पुलिस ने तो इस घटनाक्रम को लेकर अभी तक मुकदमा भी दर्ज नहीं किया। अगर थोड़ा सा भी प्रयास हो जाए तो नवजात को कूड़ेदान में फेंकने वालों को आसानी के साथ तलाशा जा सकता है। जहां नवजात को फेंका गया था वहां आसपास 5 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। अगर इन सभी कैमरों की फुटेज को चेक कर लिया जाए तो पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।
पिछले आठ दिनों से नवजात महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज के बच्चा वार्ड में भर्ती है। उसकी हालत में भी सुधार हो रहा है। तमाम लोग उसे देखने पहुंचे। लेकिन किसी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी ने अभी तक उसका हाल जानना मुनासिब नहीं समझा। मेडिकल कालेज में जाकर उसे देखने की बात तो छोड़िए यह भी कोशिश नहीं की गई कि उसे फेंकने वालों को ढूंढा जा सके। जबकि जरा से प्रयास से यह लोग पकड़ में आ सकते हैं।
गली में ही लगे हैं पांच सीसीटीवी कैमरे
झांसी। मेडिकल कालेज के गेट संख्या 1 के सामने वाली गली में दुर्गा मंदिर के पास उसे फेंका गया था। यहां दो कैमरे तो घरों के बाहर लगे हैं जबकि तीन एक शिक्षण संस्थान के आफिस पर लगे हैं। इन कैमरों से ही पूरी स्थिति साफ हो जाएगी। लेकिन अधिकारी दिलचस्पी दिखा ही नहीं रहे हैं। ऐसा भी नहीं है कि अधिकारी कहीं व्यस्त हों। शाम ढले ही अपनी कोठियों में चले जाते हैं। कभी शहर में किसी अधिकारी को भ्रमण करते भी नहीं देखा जा रहा है।