पैसेंजर ट्रेनों में नहीं मिली पैर रखने की जगह
झांसी। अतिरिक्त इंतजाम न किए जाने से रक्षाबंधन के एक दिन पहले पैसेंजर ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं रही। अपने-अपने घर पहुंचने के लिए झांसी से कानपुर, आगरा, बीना व बांदा की ओर आने-जाने वाली पैसेंजर ट्रेनों से छोटे-छोटे स्टेशनों पर जाने वाले यात्रियों की भीड़ प्लेटफार्म पर लगी रही।
बुधवार से ही रक्षाबंधन की भीड़ ट्रेनों में दिखना शुरू हो गई। दिल्ली, आगरा, भोपाल, बीना, ग्वालियर जाने वाली यात्रियों की संख्या सबसे अधिक रही। रेल मंडल के छोटे स्टेशन एरच, इचौली, हमीरपुर रोड, कैलारस, वीरपुर, इकडोरी, गिरधरपुर, खोजीपुरा, माताटीला, बेलाताल, पिरौना, भुआ, चौराहा, ओरछा, रोरा, काबेरी, मुटौंध, खैरार जंक्शन, डिगवई, भिलाईपुरवा, मालनपुर, अकोना, यमुना साऊथ बैंक, पटेरा, कटरा रोड, बेरी, मोहारी जंक्शन, सिरमुत्ररा, सोनागिर, संदलपुर, तांतपुर, खजुराहो, सिंहपुर डुमरा, नंदखास, रानीपुर रोड, टेहरका, खजराहा समेत करीब 100 हैं, जहां हजारों की आबादी होने के बाद भी अब तक सड़क मार्ग से सुविधा जनक आवागमन उपलब्ध नहीं है। इस कारण हजारों यात्रियों को रोजाना यहां से सुबह शाम गुजरने वाली पैसेंजर ट्रेनों का सहारा लेना पड़ता है। आम दिनों में तो ठीक है, लेकिन त्योहारों पर इनकी मुश्किलें बढ़ जाती हैं।
बुधवार को रक्षाबंधन पर अपने घर जाने वालों का यही हाल था। रेल प्रशासन की ओर से कोई अतिरिक्त इंतजाम न किए जाने के कारण यात्रियों को मुश्किलों से अपना सफर पूरा करना पड़ा। झांसी- कानपुर पैसेंजर, झांसी- लखनऊ इंटरसिटी, झांसी- आगरा पैसेंजर, झांसी- बीना पैसेंजर, झांसी- बांदा पैसेंजर आदि में पैर रखने की जगह नहीं रही। वहीं, दिल्ली, मुंबई, नागपुर, बंगलूरू से आने वाली ट्रेनों से बड़ी संख्या में यात्री झांसी में उतरे।