झांसी। अप्रैल में गृहकर जमा करने वालों को नगर निगम की तरफ से राहत दी गई है। शत प्रतिशत बिल घर न पहुंचने के कारण ब्याज वसूलने के मामले को स्थगित कर दिया गया है। जबकि, एक अप्रैल से तीन अप्रैल तक कोई गृहकर काउंटर पर जमा नहीं होगा।
अपर नगर आयुक्त रोहन सिंह ने बताया कि महानगर में तकरीबन 1.25 लाख गृहस्वामियों से 31 मार्च तक बिना ब्याज के गृहकर वसूला जाना था। कई लोगों ने काउंटर, चेक और ऑनलाइन सिस्टम के जरिये बिल जमा किए। लेकिन, कई गृहस्वामियों को बिल प्राप्त नहीं हुए जिस कारण वह बिल जमा नहीं कर सके। इस पर उन्होंने राहत देते हुए अप्रैल में गृहकर जमा करने पर 12 प्रतिशत ब्याज के मामले में फिलहाल राहत दी है।
साथ ही बताया कि 31 मार्च तक प्राप्त हुए बिलों को साइट पर अपलोड किया जाना है, जिसका काम दिल्ली की एक एजेंसी को दिया गया है। कंपनी ने डाटा को अपलोड करने के लिए तीन दिन का समय मांगा है। इसके चलते नगर निगम की साइट पर किसी भी प्रकार से कोई ऑनलाइन भुगतान नहीं किया जा सकेगा। साथ ही, मैनुअल तरीके से काउंटर पर की गई व्यवस्था भी प्रभावित रहेगी। उसके बाद से दोबारा बचे हुए गृहकर दाताओं से वसूली की जाएगी।
ठेकेदार को क्लीन चिट, नहीं हुई गड़बड़ी
डोर-टू-डोर बिल पहुंचाने का दावा नगर निगम कर रहा था। अमर उजाला ने जन समस्या को उजागर किया, इसके बाद से राहत दी गई। दूसरी ओर अपर नगर आयुक्त ने ठेकेदार को दोषी न बताते हुए इसे नगर निगम की लापरवाही बताया। उन्होंने बताया कि समय पर बिल प्राप्त न होने पर ठेकेदार द्वारा बिल घर-घर नहीं पहुंचाए जा सके तथा जल्द ही खामी को दूर करने का आश्वासन दिया।
देर रात तक खुले रहे काउंटर
नगर निगम में अधिक से अधिक राजस्व वसूली के लिए रात 12 बजे तक काउंटर खुले रहे पर आठ बजे के बाद इक्का-दुक्का लोग ही गृहकर जमा करने पहुंचे।