दीपावली पर्व पर घर पहुंचने की जल्दी शनिवार को हरेक यात्री के चेहरे पर साफ नजर आ रही थी। भीड़ के कारण अधिकांश ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं रही। सबसे बुरा हाल कानपुर, इलाहाबाद जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों का हाल रहा।
अपने शहर से दूर रहने वाला हर व्यक्ति दीपावली पर समय से घर पहुंचना चाहता है। शनिवार से सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं में छुट्टियां होते ही लोगों ने अपने घर जाना व लौटना शुरू कर दिया। शुक्रवार की रात से ही स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई और यह सिलसिला शनिवार की शाम तक बना रहा। सबसे बुरा हाल कानपुर, लखनऊ होकर गोरखपुर व बिहार की तरफ जाने वाली ट्रेनों का रहा। इस रूट पर जाने वाली साबरमती एक्सप्रेस, कुशीनगर एक्सप्रेस, इंदौर पटना एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक गोरखपुर एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक लखनऊ एक्सप्रेस, ग्वालियर बरौनी मेल, राप्ती सागर एक्सप्रेस, पुष्पक एक्सप्रेस, झांसी लखनऊ इंटरसिटी के हालत सबसे अधिक खराब थे। इन सभी गाड़ियों में पैर रखने तक की जगह नहीं थी।
स्लीपर कोच भी जनरल बने हुए थे। यात्री दरवाजे पर लटकर यात्रा करने को मजबूर थे। कई कोचों में यात्रियों के आपस में झगड़े हुए, जिनको सुलझाने में आरपीएफ व जीआरपी लगी रही। इन ट्रेनों के झांसी स्टेशन आने पर सुरक्षा कर्मियों के घेरे में यात्रियों को किसी तरह उतारा व चढ़ाया जा सका। कमोबेश यही हालत इलाहाबाद की तरफ जाने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस, महाकौशल एक्सप्रेस, चंबल एक्सप्रेस व दिल्ली से आने वाली ट्रेनों की बनी रही। खासकर जिन यात्रियों के पास कंफर्म आरक्षण नहीं था और जो परिवार के साथ थे, उनको परेशानियों से अधिक दो चार होना पड़ा। इधर, बस स्टैंड पर भी रेलवे स्टेशन जैसा नजारा बना रहा। अधिकांश बसें यात्रियों से ठसाठस भर के चलीं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
चित्रकूट जाने वाले यात्रियों का राहत भरा रहा सफर
चित्रकूट धाम में लगने वाले दीपावली/ कार्तिक अमावस्या मेले के अवसर पर झांसी से दो मेला स्पेशल पैसेंजर ट्रेनों का संचालन शनिवार से शुरू हो गया। यह मेला स्पेशल एक नवंबर तक चलेगी। इसमें एक मेला स्पेशल झांसी से सुबह 10.10 बजे व दूसरी मेला स्पेशल झांसी से शाम सात बजे चित्रकूट धाम के लिए रवाना हुई। दो पैसेंजरों के अलावा दो अन्य मेला स्पेशल ट्रेनों के चलने से इस मार्ग के यात्रियो के लिए राहत रही। हालांकि, कानपुर की तरफ जाने वाली पैसेंजर ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं रही।
फोटो
खचाखच भरी रहीं बसें
दीपावली पर्व पर ट्रेनों के साथ ही बसों में भी पैर रखने की जगह नहीं रहीं। घर पहुंचने के लिए यात्रियों ने बस के ऊपर बैठने से भी परहेज नहीं किया। उनसे किराया भी पूरा लिया गया। यह नजारा दिनभर बस स्टैंड पर देखने को मिलता रहा।
छोटी दीपावली पर पकड़े 1881 बिना टिकट यात्री
झांसी। छोटी दीपावली पर ट्रेन में बिना टिकट यात्रा करना 1881 यात्रियों को भारी पड़ गया। पकड़े जाने से उनको जेब ढीली करनी पड़ी।
छोटी दीवाली पर ट्रेनों व स्टेशन पर भारी भीड़ थी, इस कारण सैकड़ों यात्रियों ने टिकट लेना मुनासिब नहीं समझा गया। मगर, शनिवार को सीनियर डीसीएम दुर्गेश दुबे व एसीएम सीमा तिवारी के निर्देश पर चलाए टिकट चेकिंग अभियान से बिना टिकट यात्री खुद को नहीं बचा सके। चेकिंग के दौरान प्लेटफार्मों पर आई 35 ट्रेनों की जांच की गई। इस बीच 1881 बिना टिकट यात्री पकड़े गए। बाद में गए पकड़े यात्रियों से 7,86,784 रुपये जुर्माना वसूल किया गया। चेकिंग में मंडल मुख्य टिकट निरीक्षक नेल्सन डेविड, सीटीआई जमील खान, अर्जुन सिंह, राजेश यादव समेत 70 कर्मचारी शामिल थे।