झांसी महायोजना के सर्वे का काम तेज हो गया है। सर्वे में औद्योगिक इकाइयों के लिए जमीन सुरक्षित की जाएगी, ताकि उद्यमियों को उद्यम लगाने के बाद परेशान न होना पड़े।
वर्तमान झांसी महायोजना-2021 तक के लिए है। इसके बाद नई महायोजना लागू होगी, जो अगले बीस साल तक काम करेगी और उसी महायोजना के हिसाब से शहर का विकास किया जाएगा। जब पिछली महायोजना लागू की गई थी, तब शहर का विकास इतनी तेजी से नहीं हुआ था, लेकिन अब झांसी विकास प्राधिकरण में शामिल किए गए आसपास के गांवों से शहर का स्वरूप बदल गया है। आसपास के 16 गांव शामिल करने को लेकर नगर निगम कार्यकारिणी में प्रस्ताव पारित कर दिया गया, अब सदन की बैठक में प्रस्ताव पारित होने का इंतजार है। यह गांव शामिल हो जाने से शहर का और विस्तार हो जाएगा। इसे देखते हुए दिगारा गांव और आसपास बनी औद्योगिक इकाइयों/ क्रशर उद्योग पर संकट आ जाएगा। इसे ध्यान में रखते हुए औद्योगिक इकाइयों को एक स्थान पर शिफ्ट करने की कवायद चल रही है, ताकि उद्यमियों को समान माहौल मिले और उन्हें अपना उद्योग भी बार-बार शिफ्ट नहीं करना पड़े।
पहले ग्वालियर रोड, फिर बिजौली
पहले औद्योगिक क्षेत्र ग्वालियर रोड पर था, लेकिन बाद में बिजौली में शिफ्ट कर दिया गया। इससे उद्यमियों का बेहतर माहौल नहीं पा रहा है।
क्रशरों के लिए सुरक्षित जगह मिलेगी
दिगारा गांव में क्रशरों के आसपास बस्ती हो जाने से उद्यमियों को परेशानी हो रही है। बस्ती घनी हो जाने के कारण उन पर अपना उद्योग शिफ्ट करने का दबाव रहता है। इसलिए महायोजना में ऐसा सुरक्षित जोन बनाने का सुझाव दिया गया है, जहां आसपास बस्ती का विकास न हो सके।
- राजेश शर्मा
अध्यक्ष, बिजौली उद्योग मंडल
मांगी गईं आपत्तियां
उद्यमियों से नये औद्योगिक क्षेत्र के लिए आपत्तियां मांगी गई हैं। इन आपत्तियों को जेडीए की बोर्ड बैठक में स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। सभी औद्योगिक आस्थान एक स्थान पर हो जाएं तो उद्यमियों को कारोबार करने के लिए बेहतर माहौल मिलेगा।
- सुधीर कुमार श्रीवास्तव
उपायुक्त, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केेंद्र