झांसी। भारतीय जनता पार्टी के महानगर अध्यक्ष पद पर सहमति न बनने के कारण फैसला अब प्रदेश नेतृत्व करेगा। उम्मीद है कि चार या पांच जनवरी को लखनऊ में होने वाली बैठक में महानगर अध्यक्ष के नाम पर मुहर लग जाएगी। यह चुनाव भाजपा में कई लोगों के लिए ‘नाक का सवाल’ बन गया है।
26 दिसंबर को भाजपा कार्यालय पर चुनाव अधिकारी ह्दय नारायण दीक्षित व सह चुनाव अधिकारी नरेंद्र सिंह जादौन की देखरेख में महानगर अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नामांकन हुआ था।
वैसे तो बारह सक्रिय सदस्यों ने आवेदन खरीदे थे, मगर महानगर के पांच मंडल अध्यक्ष व पांच प्रतिनिधियों में से एक समर्थक व एक प्रस्तावक के रूप में आवेदन में नाम जरूरी होने के कारण छह दावेदारों ने ही तय समय में नामांकन किया था।
इनमें भी दो के नामांकन समर्थक व प्रस्तावक का नाम न होने के कारण निरस्त कर दिए गए थे। इसके बाद प्रदीप सरावगी, सुधीर सिंह, मुकेश मिश्रा व वर्तमान अध्यक्ष संजीव श्रृंगीऋषि ही दावेदार बचे थे।
चुनाव समिति ने चारों दावेदारों के बीच सामंजस्य बैठाने का प्रयास किया, मगर सहमति नहीं बन सकी। ऐसे में इन सभी नामों को प्रदेश नेतृत्व के पास भेज दिया गया है। खास बात यह है कि इनमें एक दावेदार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कुछ पदाधिकारियों के चहेते हैं तो दूसरे सदर विधायक रवि शर्मा की पसंद हैं।
तीसरे दावेदार को पूर्व महानगर अध्यक्षों का समर्थन मिल रहा है। इसके अलावा वर्तमान अध्यक्ष उच्च स्तर पर अपनी जुगाड़ फिट करने में लगे हुए हैं। इस कारण यह चुनाव नाक का सवाल बन गया है।
क्षेत्रीय पदाधिकारी नहीं जुटा सके प्रस्तावक व समर्थक
जिला व महानगर अध्यक्षों को लेकर जिस तरह घमासान मचा हुआ है, इससे साफ है कि भाजपा में गुटबाजी चरम पर है। यही कारण है कि महानगर अध्यक्ष के लिए एक क्षेत्रीय पदाधिकारी ने भी नामांकन किया था, मगर वह एक समर्थक व प्रस्तावक भी नहीं जुटा सके। इस कारण चुनाव समिति को उनका नामांकन रद करना पड़ा।
दो जनवरी को जिलाध्यक्ष के लिए नामांकन
जिलाध्यक्ष चुनाव के लिए दो जनवरी को नामांकन होगा। चुनाव प्रक्रिया चुनाव अधिकारी रघुराज प्रताप सिंह व सह चुनाव अधिकारी इंजी राकेश गुप्ता की देखरेख में होगी। मालूम हो कि जिलाध्यक्ष के लिए अभी पूर्व जिलाध्यक्ष महावीर सिंह व जिला महामंत्री संजय दुबे के नाम ही सामने आए हैं।