झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे ने कहा कि इनोवेशन सेंटर को सफेद हाथी नहीं बनने दिया जाएगा। छात्र-छात्राओं और बाहर की संस्थाओं को शोध करने के लिए सेंटर नि:शुल्क मुहैया कराया जाएगा। इसे छात्र उपयोगी बनाकर आय के संसाधन विकसित किए जाएंगे। अभी यहां कोई भी काम करते नहीं दिखता है। पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार वह बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कांफ्रेंस हॉल में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि कई विश्वविद्यालयों में शोध उद्योग चल रहे हैं। इस पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जाएगा। देश ने तकनीकी में विकास तो कर लिया है लेकिन बेसिक साइंस के शोध प्रभावित हुए हैं। अब बेसिक साइंस के शोध को गुणवत्तापूर्ण करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा किविद्यार्थियों के लिए जीवनोपयोगी रोजगार परक पाठ्यक्रमों को एडऑन कोर्स के रूप में चलाने की योजना है। वहीं, शैक्षणिक पंचांग को समयबद्ध रूप से पालन कराया जाएगा। बुंदेलखंड बीते तीन साल से सूखे की चपेट में है। विश्वविद्यालय वर्षा के जल संरक्षण के लिए क्या प्रयास कर सकता है, इसकी संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
कुलपति ने बताया कि पान की खेती के उन्नयन के लिए शोध, प्रचार और इसे व्यावसायिक खेती का रूप दिलाया जाएगा। विश्वविद्यालय के कृषि विभाग को क्षेत्र के कृषकों से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि बीयू के शोध से कृषक लाभान्वित हो सकें। उन्होंने नवनिर्मित आवासीय संकुल में पेयजल की व्यवस्था कराने, नैक मूल्यांकन की तैयारियों में तेजी लाने की भी बात कही। साथ ही कहा कि जल्द ही एक पीआरओ बनाया जाएगा।
बुंविवि की तीन मार्च से वार्षिक परीक्षाएं कराने की तैयारी
कुलपति ने बताया कि आगामी तीन मार्च से वार्षिक परीक्षाएं होंगी। चार मई 2016 तक परीक्षा समाप्त करने की योजना है। 20 जनवरी तक प्रवेश पत्रों को ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा। प्रयोगात्मक परीक्षाएं 28 जनवरी से 28 फरवरी तक होंगी। छूटी हुई प्रयोगात्मक परीक्षा लिखित परीक्षाओं के बाद अप्रैल के अंतिम सप्ताह में कराई जाएंगी। वहीं, एमए डिजर्टेशन एवं मौखिक परीक्षा 15 से 20 अप्रैल के मध्य होंगी। उन्होंने बताया कि परिणाम में देरी न हो इसके लिए परीक्षाओं के दौरान ही मूल्यांक न कार्य शुरू कर दिया जाएगा। परीक्षा का प्रथम परिणाम 31 मार्च से पूर्व घोषित करने की योजना है।