सुभाषगंज में रहने वाले अभिषेक मिश्रा ने नया साल गोवा में मनाने का प्लान बना रखा है। उन्होंने डेढ़ महीने पहले 25 दिसंबर को गोवा एक्सप्रेस के वातानुकूलित कोच में वेटिंग का टिकट बनवाकर गोवा में होटल भी बुक कर लिया था। मगर, उनको वेटिंग कंफर्म होती दिखाई नहीं दे रही है, इससे वह परेशान हैं। टिकट कंफर्म नहीं हुआ तो यात्रा तो निरस्त करनी ही पड़ेगी, होटल बुकिंग का पैसा भी चला जाएगा। ऐसे ही तमाम यात्री परेशान हैं, जिनको नए साल में घूमने जाने के लिए ट्रेनों में कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा है।
इस बार भी नए साल व क्रिसमस पर बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार के साथ गोवा, शिरडी, तिरुपति, वैष्णो देवी आदि स्थलों पर घूमने व दर्शनों को जा रहे हैं। इस कारण इन सभी स्थानों के लिए नए साल के दस दिन बाद तक के कंफर्म टिकट नहीं मिल रहे हैं। दरअसल, रेलवे ने ट्रेनों में 120 दिन पहले आरक्षण उपलब्ध कराने की व्यवस्था कर रखी है। इस कारण 120 दिन पहले से ही यात्री आरक्षण कराना शुरू कर देते हैं। बीस दिसंबर से दस जनवरी के बीच धार्मिक व पर्यटक स्थलों की तरफ जाने वाली ट्रेनों में तो 60 दिन पहले ही आरक्षण फुल हो गए थे। चूंकि, उक्त अवधि में स्कूल बंद रहते हैं। इस कारण बड़ी संख्या में अभिभावक अंतिम समय में ही घूमने की प्लानिंग बना पाते हैं। ऐसे में कंफर्म आरक्षण न मिल पाने के कारण उनको मायूस होना पड़ता है।
ट्रेनों की स्थिति पर गौर करें तो मनमाड, मुंबई व गोवा की तरफ जाने वाली पंजाब मेल, लखनऊ-मुंबई एक्सप्रेस, लखनऊ-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, पुष्पक एक्सप्रेस, गोवा एक्सप्रेस, पठान कोट एक्सप्रेस, मंगला एक्सप्रेस आदि ट्रेनों में नव वर्ष के आठ दिन पहले व पांच दिन बाद तक आरक्षण फुल चल रहा है। जम्मू की तरफ जाने वाली झेलम एक्सप्रेस, अंडमान एक्सप्रेस, हिमसागर एक्सप्रेस, मालवा एक्सप्रेस, जम्मूतवी-जबलपुर एक्सप्रेस, नवयुग एक्सप्रेस में कंफर्म सीट उपलब्ध नहीं है। इन ट्रेनों के एसी कोचों में डेढ़ माह तक जगह नहीं है। हां, स्लीपर में अवश्य दस जनवरी के बाद कंफर्म आरक्षण मिल रहा है। वहीं शिमला, कुल्लू मनाली के लिए अंबाला, चंडीगढ़ तक जाने वाली पठानकोट एक्सप्रेस व छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस का भी यही हाल है। जो लोग तिरुपति, चेन्नई, रामेश्वरम जाना चाहते हैं, उन्हें दस जनवरी के बाद स्वर्ण जयंती, तिरुपति एक्सप्रेस, जीटी एक्सप्रेस, एपी संपर्क क्रांति, केरला एक्सप्रेस, तमिलनाडु एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में बर्थ खाली मिल रही है।
तत्काल टिकट का ही सहारा
यात्रियों के लिए कन्फर्म सीट पाने के लिए 24 घंटे पहले मिलने वाले तत्काल टिकट ही सहारा बचा है। इसमें सुबह दस बजे से वातानुकूलित और ग्यारह बजे से स्लीपर कोचों में सीट मिलती हैं। हालांकि, तत्काल टिकट प्रक्रिया चालू होने के दो मिनट बाद ही सभी सीटें भर जाती हैं। ऐसे में कर्मचारी चाहें, जितनी तेजी से टिकट बनाए और पैसा लें, लेकिन दो मिनट में तीन या चार से अधिक टिकट नहीं बनाए जा सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति लाइन में लगा और चौथे या पांचवें नंबर का टोकन उसे मिला तो भी उसे तत्काल का कन्फर्म टिकट मिलने की बहुत कम उम्मीद रहती है। ऐसे में लोग दतिया, बबीना, ओरछा, खजुराहो, टीकमगढ़, छतरपुर में खुले काउंटर पर जाकर भी टिकट बनवा सकते हैं। इन काउंटरों पर भीड़ कम रहती है।
तत्काल टिकट के लिए यह बरतें सावधानियां
- तत्काल टिकट पाने के लिए यात्री पहले से पता कर लें कि संबंधित स्टेशनों के लिए कौन-कौन सी ट्रेनें जाती हैं।
- आरक्षण फार्म को भरकर पहले ही पूरी तरह तैयार रखें।
- आरक्षण लेते समय अगर फार्म में भरी गई ट्रेन में आरक्षण नहीं मिल सके तो वह तुरंत दूसरी ट्रेन का नंबर फार्म पर भरें।
- फार्म पर स्पष्ट नाम, ट्रेन नंबर, स्टेशन का नाम, उम्र, लिंग, पता, मोबाइल नंबर आदि भरें। ताकि कर्मचारी को फार्म में कमियां निकालने का मौका न मिल सके।