झांसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के झांसी दौरे के तीन महीने बाद भी महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में निर्माणाधीन 500 बेड अस्पताल के लिए बजट नहीं मिल पाया है। महज 48.20 करोड़ रुपये की आखिरी किस्त के इंतजार में अस्पताल बनकर तैयार नहीं हो पा रहा है।
मेडिकल कॉलेज में पिछले पांच सालों से बजट न मिलने से काम लटका हुआ है। 2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद पूरे पांच साल तक अस्पताल के लिए बजट का इंतजार होता रहा लेकिन आखिरी किस्त जारी नहीं हो सकी। 2022 में फिर से भाजपा की प्रदेश सरकार में वापसी के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सात मई को दो दिवसीय दौरे पर झांसी आए। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक का भी निरीक्षण किया। इस दौरान प्राचार्य से पूछा कि अस्पताल का कितना काम हो चुका है और कितने बजट की जरूरत है। यहां क्या-क्या सुविधाएं मरीजों को मिलेंगी? प्राचार्य ने उन्हें जानकारी दी। बताया कि कुछ बजट मिलना बाकी है। ये मिल जाए तो अस्पताल छह से आठ महीने में बनकर तैयार हो जाएगा। फिर सीएम ने कॉलेज प्रशासन को कमेटी बनाकर रिवाइज बजट का ब्योरा भेजने के निर्देश दिए। कहा कि सरकार अस्पताल के लिए पैसा देगी। मगर सीएम के दौरे के तीन महीने बीत जाने के बावजूद अब तक अस्पताल को बजट नहीं मिल पाया है।
शासन को रिवाइज बजट का ब्योरा भेजा जा चुका है। पूरी उम्मीद है कि जल्द ही 500 बेड अस्पताल के लिए बजट मिल जाएगा। बजट मिलने के बाद करीब छह महीने में अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।