झांसी। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम को निजी हाथों में देने की तैयारी कर रहा है। इसके खिलाफ अधिकारी व जेई संगठन ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन ने अलग- अलग उपखंड कार्यालय पर ध्यानाकर्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। ऊर्जा प्रबंधन को ज्ञापन भेजा गया।
बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजी आरके त्रिवेदी ने कहा कि अभी तक नोएडा, आगरा, कानपुर समेत जिन भी शहरों में बिजली का निजीकरण किया गया, वहां की व्यवस्था फेल हो गई है। जूनियर इंजीनियर आठ सितंबर से 48 घंटे तक सहयोग आंदोलन करेगा, जिसमें अवर अभियंता और प्रोन्नत सहायक अभियंता लगातार बैठकर जनता की समस्याओं का निराकरण करेंगे। राजनीतिक लोग कंपनियों को फायदा दिलाने के लिए बिजली विभाग का निजीकरण कर रहे हैं। निजीकरण होने पर गरीब और किसान को बिजली मिलना मुश्किल हो जाएगा।
जनपद अध्यक्ष सुनील कुमार ने कहा कि ऊर्जा प्रबंधन 24 घंटे विद्युत आपूर्ति के लिए फीडर लाइनलॉस को 15 प्रतिशत पर लाने की बात करता है, किंतु इसके लिए संगठन ने जो भी तकनीकी सुझाव दिए उन पर कभी अमल नहीं किया गया। सुझावों पर अमल करने की जगह निजीकरण का प्रयास कर रहा है। साथ ही, अवर अभियंता संवर्ग की जायज मांगों पर अभी तक कोई सकारात्मक रुख नहीं दिखाया गया है। अगले चरण में आंदोलन और भी व्यापक रूप में होगा। इस मौके पर क्षेत्रीय अध्यक्ष संजी प्रभाकर, क्षेत्रीय अध्यक्ष पारेषण जगजीत सिंह, सहायक अभियंता कन्हैया लाल, मुकेश चौरसिया, मनोज सोनी, अनिल सागर, महेश चंद्र, चंद्रभान, दिग्विजय सिंह, रोहित कुशवाहा मौजूद रहे।