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Jhansi News: पहुज नदी में अवैध निर्माण की शिकायत पर एनजीटी सख्त

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अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। पहुज नदी के नदी तल में अवैध निर्माण और अतिक्रमण की शिकायत पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की प्रधान पीठ ने केंद्र सरकार समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को तय की गई है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव एवं डॉ.
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अफरोज अहमद की पीठ ने की।
एनजीटी में वादी केसर सिंह, नरेंद्र कुशवाहा समेत अन्य की ओर से शिकायत की गई कि सिंध नदी की प्रमुख सहायक नदी पहुज के संवेदनशील इलाके में निर्माण कार्य किया जा रहा है। यह नदी मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के सुजावनी गांव के पास से निकलती है और करीब 265 किलोमीटर की यात्रा करते हुए शिवपुरी, दतिया, भिंड, झांसी और जालौन जिलों से होकर जालौन के देवरी गांव के पास सिंध नदी में मिलती है। नदी के तल में ही अवैध निर्माण चल रहा है। दतिया जनपद स्थित उनाव क्षेत्र में पहुज नदी एवं उसके डूब क्षेत्र की भूमि पर स्थानीय प्रशासन द्वारा नियमविरुद्ध कंक्रीट निर्माण कार्य कराया जा रहा है। दतिया के उनाव स्थित पहुज नदी क्षेत्र का धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व अत्यंत प्राचीन है। यहां श्रद्धालु नदी में स्नान करने के पश्चात भगवान सूर्य बालाजी को जल अर्पित करते हैं। स्थानीय मान्यता के अनुसार नदी के जल में औषधीय गुण पाए जाते हैं, जिससे चर्म रोगों में लाभ होता है। यहां अवैध निर्माण से न केवल नदी का प्राकृतिक स्वरूप नष्ट हो रहा है, बल्कि इसकी पारंपरिक धार्मिक, सांस्कृतिक एवं औषधीय महत्ता पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। एनजीटी ने गंभीर रूख अपनाते हुए सभी पक्षों से जवाब दाखिल करने को कहा है।
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