झांसी। लक्ष्मी तालाब पर खाकी शाह मजार और मंदिरों के अतिक्रमण को हटाने के मामले में मजार पक्ष के लोगों ने एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) में अपना पक्ष रखा है, तो वहीं मंदिर पक्ष के लोगों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हालांकि एनजीटी ने सभी पक्षों की मौजूदगी में 17 फरवरी को सुनवाई तारीख नियत की है।
लक्ष्मी तालाब की जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए एनजीटी ने जिला प्रशासन को आदेश दिए हैं। जिसके तहत खाकी शाह मजार और मंदिरों को हटाने के लिए नगर निगम का अमला कई बार पहुंचा। लेकिन अमले को हर बार भारी विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध के चलते नगर निगम के अमले को बिना कार्रवाई के ही लौटना पड़ा है। लेकिन मजार और मंदिर से अतिक्रमण हटाने की लड़ाई को कानूनी तरीके से लड़ने के लिए दोनों ही पक्षों ने कमर कस ली है। जिसके तहत खाकी शाह मजार पक्ष के लोगों ने एनजीटी में अपना पक्ष रखा है तो वहीं मंदिर पक्ष के लोगों ने हाईकोर्ट में अपील की है। अपर नगर आयुक्त मोहम्मद कमर ने बताया कि एक पक्ष ने एनजीटी में अपना पक्ष रखा है तो वहीं दूसरे पक्ष ने हाईकोर्ट में अपील की है। दोनों ही पक्षों द्वारा लिखित रूप में जानकारी दी गई है।