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Jhansi News: झूठा बयान देने पर एनजीटी ने लगाया 25 हजार का जुर्माना

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झांसी/नई दिल्ली। धसान नदी से जुड़े एक मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने आवेदक पर झूठा बयान देने के साथ समय बर्बाद करने पर नाराजगी जताते हुए उस पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।



धसान नदी पर अवैध खनन के एक मामले में आवेदक विपिन कुमार सक्सेना पर पर्यावरणीय मंजूरी की शर्तों का पालन न करने का आरोप था। एनजीटी की ओर से गठित पैनल ने विपिन सक्सेना की ओर से शर्तों के अनुपालन में कमियां पाई। इसके बाद विपिन ने अधिकरण में आवेदन दायर करते हुए कहा कि उनकी याचिका यूपी राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (एसईआईएए) के पास लंबित थी। उन्होंने सभी शर्तों का पालन कर लिया, इस वजह से इसे शीघ्र निपटाया जाना चाहिए।
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23 मई के अपने आदेश में एनजीटी पीठ ने पाया कि विपिन सक्सेना ने गलत तरीके से पर्यावरणीय मंजूरी रद करने और उसे बहाल करने के आवेदन को खारिज करने के आदेश उन तक नहीं पहुंचने की बात कही। हालांकि, एसईआईएए ने अपने जवाब में स्पीड पोस्ट और ईमेल के जरिये विपिन सक्सेना को आदेश भेजने की पुष्टि की। पीठ ने कहा, यह साबित होता है कि आवेदक को पर्यावरणीय मंजूरी रद करने का आदेश मिल चुका था। इसे सार्वजनिक पोर्टल पर भी अपलोड किया गया था। इस वजह से इसकी जानकारी होने से से इन्कार नहीं कर सकता।
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