झांसी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर सामने आते ही शनिवार को झांसी में आंदोलनरत युवाओं और छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। इलाईट चौराहे पर जुटे युवाओं ने एक-दूसरे को गले लगाकर और मिठाई बांटकर खुशी जताई। इस दौरान ''छात्र एकता जिंदाबाद'' और ''शिक्षा बचाओ'' के नारे लगाए गए। छात्रों ने इसे अपने आंदोलन की पहली बड़ी जीत बताया। यह भी कहा कि उनकी अन्य मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले करीब 25 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र-छात्राएं आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन को देशभर के युवाओं का समर्थन मिल रहा है। झांसी के छात्र भी लगातार इसके समर्थन में प्रदर्शन कर रहे थे।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लोकतांत्रिक तरीके से उठाई गई आवाज की ताकत का प्रमाण है। उनका कहना है कि अब सरकार को पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और स्थायी व्यवस्था करनी होगी, ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
युवाओं की प्रतिक्रिया
25 दिन की तपती धूप, बारिश और लगातार संघर्ष के बाद आज लगा कि हमारी आवाज सत्ता तक पहुंची है। यह सिर्फ इस्तीफा नहीं, बल्कि छात्रों की एकजुटता की ताकत और लोकतंत्र की जीत है। - लव सिन्हा, युवा ।
हम सड़क पर इसलिए उतरे क्योंकि शिक्षा से खिलवाड़ स्वीकार नहीं है। आज का दिन आंदोलन के इतिहास में दर्ज रहेगा, लेकिन हमारी लड़ाई अभी पूरी नहीं हुई है। - नीतेश कुमार, छात्र
देश के लाखों छात्रों ने उम्मीद नहीं छोड़ी। यह फैसला बताता है कि लोकतांत्रिक तरीके से उठाई गई आवाज असर डालती है। अब शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार जरूरी है। - हेमंत यादव, प्रदेश सचिव, समाजवादी छात्रसभा
यह छात्रों की आवाज की जीत है। अब सरकार को सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में किसी भी छात्र का सपना पेपर लीक की वजह से न टूटे। - अभिषेक प्रताप सिंह, निवर्तमान राष्ट्रीय संयोजक, एनएसयूआई
आज युवाओं ने साबित कर दिया कि उनकी आवाज दबाई नहीं जा सकती। यह छात्रों को न्याय दिलाने की दिशा में पहला कदम और लोकतंत्र की जीत है। - प्रतिपाल सिंह, पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, यूथ ब्रिगेड (सपा)
यह सिर्फ एक इस्तीफे का मामला नहीं, बल्कि उन लाखों छात्रों के भरोसे की लड़ाई है जिनकी मेहनत पेपर लीक से प्रभावित होती है। सरकार को शिक्षा व्यवस्था में ऐसे बदलाव करने होंगे, जिससे भविष्य में किसी छात्र के साथ अन्याय न हो। - विक्रम सिंह, युवा
युवाओं और विद्यार्थियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री द्वारा अपने पद से दिया गया इस्तीफा सार्वजनिक जीवन में उच्च नैतिक मूल्यों एवं लोकतांत्रिक परंपराओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिचायक है। अमित साहू, पूर्व महामंत्री, भाजपा
देश के युवाओं ने अद्भुत साहस, धैर्य और दृढ़ता के साथ अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ी। उन्होंने यह साबित किया कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ सबसे बड़ी होती है। राहुल रिछारिया
महासचिव, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी
यह छात्रों की जीत है। केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से काम नहीं चलेगा बल्कि सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी होगी, जिससे कभी कोई पेपर लीक न हो। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के लिए सजा का प्रावधान हो। राधेलाल अहिरवार, जिला महासचिव, समाजवादी पार्टी