झांसी। कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन से हड़कंप की स्थिति है। हर कोई इस नए स्ट्रेन के बारे में जानने के लिए इच्छुक है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि स्ट्रेन से डरें नहीं, सावधान रहें। नए स्ट्रेन की संक्रमण दर 60 फीसदी तेज है। ऐसे में लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग से लेकर कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना अभी भी बेहद जरूरी है।
ब्रिटेन में मिले कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन को लेकर दुनियाभर में खलबली मची है। पिछले नौ-दस महीने से महामारी से जूझ रहे विश्व के लिए नया स्ट्रेन नई मुश्किलें लेकर आया है। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में कोविड के नोडल अधिकारी डॉ. अंशुल जैन ने बताया कि नया स्ट्रेन पहले के मुकाबले साठ प्रतिशत से ज्यादा तेजी के साथ फैलाता है। कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन की प्रोटीन स्पाइक में 17 नए बदलाव हुए हैं, इसमें आठ बेहद महत्वपूर्ण हैं। संक्रमण की दर तेज होने की वजह से नया स्ट्रेन एक से दूसरे व्यक्ति को जल्द कोरोना संक्रमित कर देता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग समेत कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना बेहद जरूरी है।
संक्रमित बढ़ेंगे तो बढ़ सकता मौतों का ग्राफ
विशेषज्ञों के अनुसार नए स्ट्रेन की मृत्युदर पहले वाले स्ट्रेन जैसी ही है। यानी नए स्ट्रेन की भी मृत्युदर एक से दो फीसदी ही है। चूंकि, संक्रमण की गति तेज है, ऐसे में पॉजिटिव केस बढ़ेंगे तो मौतों का ग्राफ भी बढ़ सकता है। इसलिए सावधानी ही बचाव है।