झांसी। झांसी के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिल रही है। एक नया रेल नगर बसाया जा रहा है। इससे महानगर के दक्षिणी क्षेत्र में विकास की संभावनाएं बढ़ गई हैं। नगरा हाट के मैदान से लेकर कैथड्रिल स्कूल के पास तक बन रही नवीन रेल कोच फैक्टरी के काम में आई तेजी के बाद लोगों में विकास की उम्मीद जगी है।
महानगर के दक्षिणी इलाके के नगरा, प्रेमनगर, ईसाईटोला, पुलिया नंबर नौ, गरियागांव, हाट का मैदान, नैनागढ़, नयागांव क्षेत्र में सबसे अधिक रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों की रिहायश है। इसके साथ ही इस क्षेत्र में रेलवे की सबसे अधिक जमीनें हैं। रेलवे स्टेशन से लेकर वैगन मरम्मत कारखाना, रेलवे कोच मरम्मत कर्मशाला, डीजल लोको शेड, इलेक्ट्रिक लोको शेड, रेलवे कॉलोनी होने से पूरे क्षेत्र को रेल नगर से जाना जाता है। अब तक सीपरी बाजार से गरिया गांव और प्रेमनगर जाने वाला क्षेत्र रेल नगर से अछूता था। सैकड़ों एकड़ में फैले इस क्षेत्र में रात के वक्त जाने में लोगों को डर लगता था। पिछले दिनों रेलवे ने यहां नई रेल कोच फैक्टरी का काम तेजी से शुरू करा दिया। करीब 135 एकड़ में 454.89 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस फैक्टरी के साथ ही नया रेल नगर बसाने की कवायद शुरू हो गई है। यहां कॉलोनी, स्कूल समेत तमाम सुविधाएं विकसित हो रही हैं। फैक्टरी में 160 आवास बनाए जा रहे हैं। साथ ही रेलवे के कर्मचारियों के लिए केंद्रीय विद्यालय के पास नई कॉलोनी बनाई गई है। शहर से प्रेमनगर जाने वाले लोगों के लिए 30 फुट का रास्ता बनाया गया है। आने वालो सालों में फैक्टरी का काम पूरा होने के साथ इस क्षेत्र के विकास की संभावनाएं बढ़ गई हैं। फैक्टरी बनने के बाद पूरा क्षेत्र एक तरह से रेल नगर कहलाएगा।
फैक्टरी में हर साल नवीनीकृत होंगे 250 कोच
महानगर में बन रही रेल कोच फैक्टरी में हर साल 250 एलएचबी (लिंक हाफमैन बुश) कोच को नवीनीकृत किया जाएगा। फै क्टरी का काम रेल विकास निगम लिमिटेड को 2022 तक पूरा कराना है। नगरा हाट के मैदान से लेकर कैथड्रिल स्कूल के पीछे तक बन रही इस फैक्टरी से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।
पीएम ने रखी थी आधार शिला
रेल कोच फैक्टरी की आधारशिला 15 फरवरी 2019 को झांसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी। जबकि 23 अक्तूबर 2020 को इसका भूमिपूजन किया गया। यहां नवीनीकृत किए जाने वाले कोचों की खासियत यह है कि वे तेज रफ्तार में ब्रेक लगने पर पटरी से नहीं उतरते हैं। रेलवे पूरे देश में इन कोच का ही निर्माण करा रहा है। यहां पुराने आईसीएफ कोच को नवीनीकृत किया जाएगा।
रेल कोच फैक्टरी का काम तेजी से चल रहा है। फैक्टरी का काम शुरू होने के साथ ही विकास दिखने लगा है। 2022 तक यह काम पूरा होने की उम्मीद है। यहां एलएचबी कोच की मरम्मत का काम होगा।
मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, झांसी मंडल