झांसी। हंसारी मार्केट में महेश कुशवाहा की मोबाइल फोन मरम्मत करने की दुकान है। वाणिज्यकर विभाग ने उन्हें नोटिस भेजकर टर्न ओवर का ब्योरा मांगा है। पांच लाख के वार्षिक टर्न ओवर पर पंजीकरण और कर अदायगी अनिवार्य है। वाणिज्य कर विभाग का मानना है कि महेश कुशवाहा न तो टर्न ओवर का ब्योरा दे रहे हैं और न ही पंजीकरण करा रहे हैं। महेश इसे उत्पीड़न मानते हुए कहते हैं कि उनका टर्न ओवर पांच लाख है ही नहीं, बेवजह परेशान किया जा रहा है।
यह केवल महेश कुशवाहा की समस्या नहीं है, ऐसे न जाने कितने दुकानदार हैं, जो वाणिज्यकर विभाग के नोटिस से परेशान हैं। वे इसे उत्पीड़न मान रहे हैं। लेकिन वाणिज्य कर विभाग का तर्क यह है कि यदि किसी दुकानदार का टर्न ओवर पांच लाख रुपये नहीं है तो वह इसका ब्यौरा दें। जांच कराई कराई जाएगी। सच सामने आ जाएगा। दरअसल बड़े पैमाने पर ऐसे दुकानदार हैं, जिनका टर्न ओवर पांच करोड़ से अधिक है वे न तो पंजीकरण करा रहे हैं और न ही टैक्स अदा कर रहे हैं। शायद उन्हें नहीं पता कि पंजीकरण कराना उनके फायदे में है।
‘दुकानदार अगर वाणिज्यकर दायरे में नहीं आ रहा है तो वह प्रार्थना पत्र या शपथ पत्र दे सकता है। अधिकारी उसकी दुकान की जांच कर पता कर लेंगे कि वह पंजीयन योग्य है कि नहीं। दुकानदार अगर नोटिस का जवाब नहीं देता है तो उसकी दुकान की आकस्मिक जांच की जाएगी। ऐसी स्थिति में पेनल्टी का प्रावधान है।’
- एमएल गुप्ता, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन
दुगना किया पंजीकरण का लक्ष्य
वाणिज्य कर विभाग ने जनपद के व्यापारियों को अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से खंडों (सेक्टर) में बांट रखा है। झांसी जोन के अंतर्गत आने वाले झांसी, ललितपुर, जालौन उरई, महोबा, हमीरपुर, बांदा व चित्रकूट जनपद में कुल 19 खंड हैं। इसमें झांसी जनपद में आठ खंड हैं। प्रत्येक खंड अधिकारी को हर माह पहले 25 नए पंजीयन कराने पड़ते थे, मगर शासन ने अब यह संख्या दोगुनी कर दी है। इस कारण अफसर परेशान हैं। खंड अधिकारी जांच के दौरान अपंजीकृत दुकानदारों को चिह्नित कर उन्हें नोटिस भेज रहे हैं। अप्रैल, मई व जून माह में 1386 नए पंजीकरण किए गए, जबकि पिछले साल इन्हीं महीनों में यह संख्या 1063 थी।
इन विभागों से मांगी गई सूची
वाणिज्य कर विभाग ने खाद्य सुरक्षा, औषधि, नियंत्रण, गैस एजेंसी, श्रम विभाग, नगर निगम व अन्य कार्यदायी संस्थाओं में पंजीकृत व्यापारी व दुकानदारों के अलावा बिजली विभाग के कामर्शियल उपभोक्ताओं की सूची एकत्रित की है। इन सूचियों के आधार पर पता किया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति या फर्म उनके यहां पंजीकृत हैं कि नहीं। जो नहीं है उनको भी नोटिस भेजे जा रहे हैं।
जोन में पंजीकृत हैं 37081
झांसी जोन के अंतर्गत बुंदेलखंड के सात जिले आते हैं। इनमें झांसी, ललितपुर, उरई, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट व बांदा जनपद शामिल हैं। यहां पंजीकृत व्यापारियों की संख्या 37,081 है।
पंजीयन लेने से लाभ
- वाणिज्य कर विभाग का पंजीयन लेने से व्यापारी का पांच लाख का बीमा अपने आप ही हो जाता है। अगर, व्यापारी किसी दुर्घटना का शिकार हो जाए तो उसके परिवार को तुरंत यह बीमा राशि उपलब्ध करा दी जाती है।
- पंजीयन लेकर व्यापारी वाणिज्य कर विभाग द्वारा की जाने वाली चेकिंग, सर्वे आदि से बच सकते हैं।
- व्यापारी कारोबार में होने वाली परेशानियों को वाणिज्य कर अफसरों के समक्ष रख सकते हैं।
- प्रदेश का राजस्व बढ़ाने में पंजीकृत व्यापारी विकास के भागीदारी बनते हैं।
- ऑनलाइन रिटर्न करने एवं अन्य सभी प्रार्थना पत्र ऑनलाइन दाखिल करने की सुविधा।
- 50 लाख रुपये वार्षिक टर्नोवर होने पर डीम्ड दाखिल करने की सुविधा।
अनिवार्य रूप से लगाएं बोर्ड
वैट नियमावली के अनुसार दुकान के मुख्य प्रवेश द्वार पर सड़क से पठनीय साठ सेंटीमीटर गुणे तीस सेंटीमीटर साइज के बोर्ड पर टिन नंबर एवं प्रभावी तिथि प्रिंट कराकर (जिसके लेटर एवं फिगर छह सेंटीमीटर से कम न हों) लगाना अनिवार्य है। इस संबंध में ज्वाइंट कमिश्नर कार्यपालक शशांक शेखर मिश्रा ने बताया कि ऐसा न करने पर दुकानदार पर दस हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है।