स्पीड पकड़ेंगी झांसी-कानपुर रूट की ट्रेनें
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झांसी। जल्द ही झांसी-कानपुर रेल सेक्शन में ट्रेनें तेज गति से दौड़ती नजर आएंगी। ट्रेनों की औसत स्पीड बढ़ाने को लेकर रेलवे ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए रेलवे उन रेलखंडों को चिह्नित कर रहा है, जहां ट्रेनों की स्पीड काफी कम है।
देश भर में चल रही तमाम ट्रेनों की औसत चाल 50 से 60 किमी प्रतिघंटे के आसपास है। इस बार के रेल बजट में रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने ट्रेनों की औसत चाल बढ़ाने की बात कही थी। इसी क्रम में रेलवे ने उन रेलखंडों को चिह्नित किया है, जहां ट्रेनों की चाल कम है। इन रेलखंडों में जो भी तकनीकी या अन्य समस्याएं हैं, उन्हें दूर कर ट्रेनों की स्पीड बढ़ाई जाएगी। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) इलाहाबाद ने ऐसे कई रेलखंड हैं, जहां ट्रेनों की स्पीड उनकी औसत चाल से भी कम है। इसमें मुख्य रूप से कानपुर-झांसी, इलाहाबाद-मुगलसराय, चुनार-चोपन, आगरा-धौलपुर, भिंड-इटावा आदि रूट शामिल हैं। इसमें कानपुर-झांसी और भिंड-इटावा के बीच 60 से बढ़ाकर 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार की जानी है।
इसके अलावा इलाहाबाद-मुगलसराय के पहाड़ा और झिंगुरा के बीच 50 किलोमीटर प्रतिघंटे से बढ़ाकर 100 किमी प्रतिघंटे, चुनार-चोपन के सक्तेशगढ़-लूसा के बीच 40 से बढ़ाकर 60, एट-कोंच के बीच 15 से बढ़ाकर 30, मथुरा-अलवर के मोरा-गोवर्धन में 30 से बढ़ाकर 100, आगरा-धौलपुर में जाजऊ-मानिया के बीच 100 से बढ़ाकर 120 किमी प्रति घंटे की जानी है। एनसीआर के पीआरओ अमित मालवीय के अनुसार उक्त रेलखंडों पर स्पीड संबंधी जो समस्या थीं उसे दूर किया जा रहा है। इससे निश्चित ही औसत चाल में वृद्धि होगी।