झांसी। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) ने अपने ग्रेडिंग सिस्टम को रिवाइज्ड कर दिया है। पहले की तरह ही अब शिक्षा संस्थानों को ‘प्लस’ या ‘प्लस-प्लस’ के साथ ग्रेडिंग दी जाएगी। एक जुलाई से यह नियम प्रभावी हो गया है।
नैक ने एक अप्रैल 2007 से नई पद्धति लागू कर दी थी। इसके तहत उच्चतर शिक्षा संस्थाओं का दो चरणीय दृष्टिकोण द्वारा मूल्यांकन और मान्यता देने का काम किया जाने लगा। प्रथम चरण में संस्था के गुणवत्ता मूल्यांकन के लिए संस्थागत पात्रता प्राप्त कराना जरूरी किया गया। जबकि, दूसरे चरण में मान्यता प्राप्त संस्थाओं के लिए ए, बी, सी ग्रेडों के अंतर्गत संस्थान का मूल्यांकन होने लगा। जो मान्यता प्राप्त नहीं थे, उनको डी ग्रेड दिया गया। इससे पहले ए और बी ग्रेड के साथ प्लस और प्लस-प्लस लगाकर भी ग्रेडिंग दी जाती थी। अब नैक ने फिर वही पुराना नियम लागू कर दिया है। अब फिर से ए प्लस-प्लस, ए प्लस, ए, बी, बी प्लस-प्लस, बी प्लस, बी, सी और डी ग्रेडिंग दी जाएगी। अभी तक ‘प्लस’ या ‘प्लस-प्लस’ के साथ ग्रेडिंग को खत्म कर दिया गया था।
नैक का यह काम है
नैक की स्थापना वर्ष 1994 में हुई थी। नैक का कार्य देश के उच्च शिक्षा संस्थानों का आकलन और मान्यता देना है। शैक्षिक प्रक्रियाओं में संस्था का प्रदर्शन, पाठ्यक्रम चयन एवं कार्यान्वयन, शिक्षण अधिगम एवं मूल्यांकन तथा छात्रों के परिणाम, संकाय सदस्यों का अनुसंधान कार्य एवं प्रकाशन, बुनियादी सुविधाएं तथा संसाधनों की स्थिति, संगठन, प्रशासन व्यवस्था, आर्थिक स्थिति और छात्र सेवाओं के आधार पर नैक सीजीपीए (क्यूम्यूलेटिव ग्रेड प्वाइंट एवरेज) यानि औसत संचयी ग्रेड प्वाइंट के आधार पर ग्रेडिंग देती है।
यह है नया ग्रेडिंग सिस्टम
सीजीपीए ग्रेड स्टेट्स
3.76-4.0 ए प्लस-प्लस मान्यता प्राप्त
3.51-3.75 ए प्लस मान्यता प्राप्त
3.01-3.50 ए मान्यता प्राप्त
2.76-3.00 बी प्लस-प्लस मान्यता प्राप्त
2.51-2.75 बी प्लस मान्यता प्राप्त
2.01-2.50 बी मान्यता प्राप्त
1.51-2.00 सी मान्यता प्राप्त
1.50 या कम डी गैर मान्यता प्राप्त