झांसी। पुलिस को साप्ताहिक अवकाश मिलना शुरू होने के बाद जीआरपी के जवान भी वीकली मिलने का सपना संजोने लगे थे। लेकिन, इलाहाबाद जोन के पुलिस महानिरीक्षक (रेलवे) एलवी एंटोनी देवकुमार ने उनके सपने को तोड़ दिया है। उनका कहना है कि जीआरपी जवानों को साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था से जोड़ने की कोई योजना नहीं है। जवानों को साल में तीन माह की छुट्टियां सीएल, ईएल व मेडिकल के रूप में मिलती हैं, जो पर्याप्त है। यह बात उन्होंने जीआरपी थाने में पत्रकारों से कही। वह सोमवार जीआरपी थाने में बनाई गई अस्थायी बैरिक का उद्घाटन करने आए थे।
उन्होंने कहा कि इलाहाबाद जोन के अंतर्गत आने झांसी, आगरा व इलाहाबाद अनुभाग में 22 नई अस्थायी बैरिकें बनाई जा रही हैं। इनमें आठ बैरिकें झांसी अनुभाग के अलग- अलग स्टेशनों पर बनाई जाएगी। फोर्स की कमी के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में 40 हजार नये जवानों की भर्ती होने जा रही हैं, जिसमें दो हजार जवान जीआरपी को मिल जाएंगे।
जीआरपी को रेलवे द्वारा उपलब्ध कराए गए क्वार्टरों की खस्ताहाल हालत पर उन्होंने कहा कि वह वेलफेयर फंड से क्वार्टरों की मरम्मत नहीं करा सकते हैं, इसके लिए वह जल्द ही महाप्रबंधक से वार्ता कर क्वार्टरों की हालत सुधारने की पैरोकारी करेंगे। उन्होंने बताया कि झांसी में दो व आगरा में एक ईनामी बदमाश की गिरफ्तारी की जा चुकी हैं। जोन में अभी 19 और इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी की जानी हैं, जिसके प्रयास चल रहे हैं। इसके बाद उन्होंने थाने में आयोजित सुरक्षा सम्मेलन में जवानों को दिशा निर्देश दिए व उनकी समस्याओं को सुनकर निस्तारण का आश्वासन दिया। इस मौके पर एसपी (रेलवे) सत्येंद्र कुमार, प्रभारी निरीक्षक रवि चंद्र मिश्र मौजूद थे।