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पूर्वोत्तर राज्यों के लिए सीधी ट्रेन की आशा

Wed, 01 Feb 2017 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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budget news jhansi - फोटो : demo
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बुंदेलखंड वासियों को बुधवार को आम बजट के साथ पहली बार आ रहे रेल बजट से बहुत उम्मीदें हैं। वह चाहते हैं कि उनके क्षेत्र की रेल से जुड़ी समस्याओं का निदान हो। झांसी रेल मंडल के यात्रियों की दर्जन भर से अधिक ऐसी मांगें हैं, जिनका प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया, लेकिन वह अब तक पूरी नहीं हो सकीं। इस बजट से सभी को आशा है कि रेल मंत्री बुंदेलखंड वासियों की मांगों पर सुनवाई जरूर करेंगे। देश के महत्वपूर्ण स्टेशनों में शुमार झांसी से रोजाना डेढ़ सौ से अधिक अप और डाउन ट्रेनें देश के विभिन्न राज्यों के लिए जाती हैं, लेकिन असम समेत अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के लिए कोई सीधी ट्रेन सेवा अब तक शुरू नहीं हो सकी है। इन क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए यात्रियों को बीच में कई ट्रेनें बदलनी पड़ती हैं। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो के लिए शताब्दी एक्सप्रेस शुरू किए जाने की योजना को भी अब तक अमल में नहीं लाया जा सका है। 
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ये मांगे नहीं हो सकीं पूरी 
- झांसी में रेलवे बोर्ड का परीक्षा केंद्र बनाना
- झांसी को वर्ल्ड क्लास स्टेशन का रूप देने का कार्य प्रारंभ करना
- सीपरी बाजार तांगा स्टैंड के पास (पुराने इंडियन आयल) रेलवे भूमि पर शापिंग कांपलेक्स का निर्माण   
- ललितपुर से सागर वाया मालथौन रेलमार्ग एवं झांसी से शिवपुरी रेल मार्ग का लंबित सर्वे पूरा कराना
- झांसी से शिवपुरी के मध्य नई रेल लाइन
- कानपुर से झांसी के मध्य रिवर्स इंटरसिटी चलाना
- झांसी-ग्वालियर रेलवे क्रॉसिंग पर ब्रिज
- झांसी स्टेशन पर दो अतिरिक्त प्लेटफार्म
- झांसी-बांदा सेक्शन के ग्यारह स्टेशनों की सिगनल प्रणाली माडर्न इंटर लाकिंग करना
- सीनियर रेलवे इंस्टीट्यूट में स्पोर्ट्स कांपलेक्स
- सीनियर इंस्टीट्यूट ग्राउंड को क्रिकेट के रणजी मैचों के लायक बनाना
- मंडल के सौ रेलवे फाटकों पर अंडर पास रेलवे कालोनी के जीर्णोद्धार के लिए बजट
- झांसी-शिवपुरी व एट जक्शन से गुरसरांय, गरौठा होकर मऊरानीपुर तक नई रेल लाइन बिछाना
- झांसी-लखनऊ इंटरसिटी को ललितपुर तक बढ़ाना 
- गाड़ी संख्या 12547/12548 आगरा फोर्ट-अहमदाबाद एक्सप्रेस 

रेल मंत्री ने की थी घोषणा, नहीं हुआ काम 
पिछले रेल बजट में रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक किसी भी योजना पर काम शुरू नहीं हो सका है। यह हैं प्रमुख योजनाएं। 
- झांसी-मानिकपुर डबल रेल लाइन
-  रेल लाइन के विद्युतीकरण को मिले 45 करोड़
- झांसी-खैरार-मानिकपुर व खैरार-भीमसेन डबल रेल लाइन
- चित्रकूट धाम कर्वी, खजुराहो समेत छह स्टेशनों पर प्लेटफार्म का विस्तार
- झांसी कानपुर के मध्य पड़ने वाली 53 रेलवे क्रॉसिंग पर सब-वे 
- चित्रकूट धाम व बांदा स्टेशन पर वाशेबिल एप्रिन का प्रावधान 
- विरलानगर स्टेशन को सेटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित करना 



क्षेत्रीय सांसद की मांगें जो नहीं हो सकी थीं पूरी
केंद्रीय मंत्री व क्षेत्रीय सांसद उमा भारती ने पिछले रेल बजट में ललितपुर-बीना सेक्शन रेल लाइन पर ग्राम धौर्रा में क्रॉसिंग पर रोड ओवर ब्रिज, ललितपुर-बीना सेक्शन रेल लाइन पर ग्राम अमुखेड़ा रेलवे क्रॉसिंग पर रोड ओवर ब्रिज, ललितपुर-देवगढ़ रोड पर नेहरू नगर क्रॉसिंग पर रोड ओवर ब्रिज, झांसी-ग्वालियर रोड पर कानपुर जाने वाले मार्ग पर स्थित रेलवे लाइन क्रॉसिंग पर ओवर ब्रिज व झांसी-ललितपुर रोड पर मानिकपुर रेलवे लाइन पर ओवर ब्रिज निर्माण की मांग की थी। झांसी-लखनऊ इंटरसिटी की तरह झांसी से मानिकपुर व झांसी से इटारसी इंटरसिटी (चेयरकार) चलाने का भी सुझाव दिया था।। लेकिन अभी तक इन सुझाव पर काम ही नहीं हुआ। 
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आरक्षण बुकिंग की अवधि कम हो 
आरक्षण बुकिंग कराने की सीमा जब से चार माह हुई है, तक से मुश्किलें बढ़ गई हैं। क्योंकि, चार माह पहले यात्रा का शेड्यूल बनाना मुमकिन नहीं होता है। इस अवधि का घटकर दो माह होनी चाहिए। 
- राहुल अग्रवाल, टंडन रोड सीपरी बाजार। 


पूर्वोत्तर राज्यों के लिए हो सीधी ट्रेन 
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों के लिए झांसी से कोई सीधी ट्रेन नहीं है। राजस्थान व गुजरात जाने के लिए भी यात्रियों को परेशानी होती है। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो के लिए भी दिल्ली से शताब्दी एक्सप्रेस चलनी चाहिए। 
- रमेश चंद्र साहू, झोकन बाग। 

ट्रेनों में बढ़ाई जाए सुरक्षा 
अभी भी आधी से ज्यादा ट्रेनों में आरपीएफ और जीआरपी के जवान नहीं चलते हैं। इसका फायदा बदमाश उठाते हैं। सभी ट्रेनों में सुरक्षा जवान चलें, ताकि यात्री सुरक्षित यात्रा कर सकें।  
- अनामिका वर्मा, सिविल लाइन। 

पैसेंजर ट्रेनों की बढ़े संख्या 
कानपुर व इलाहाबाद ट्रैक पर छोटे स्टेशनों की संख्या अधिक है। इन स्टेशनों के लिए दो ही पैसेंजर ट्रेनें यात्रियों के लिए हैं। इससे यात्री बेहद परेशान रहते हैं। इन दोनों ट्रैक पर पैसेंजर ट्रेनों की संख्या बढ़नी चाहिए।
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- दीनदयाल मिश्रा, गायत्री कॉलोनी।   
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