भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय की क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) की टीम द्वारा किया जा रहा स्वच्छता सर्वे हाईटेक तरीके से हो रहा है। ग्राउंड पोजीशिनिंग सिस्टम (जीपीएस) से मंत्रालय को कनेक्ट कर आनलाइन सभी सूचनाएं दी जा रही हैं। इसमें पब्लिक कनेक्ट करने की लाइव रिपोर्ट जा रही है और कवरेज होने के बाद वेबसाइट बंद हो जाती है, ताकि कोई फेरबदल न किया जा सके।
सर्वे में किसी तरह के आंकड़ों की बाजीगरी कर नगर निगम को फायदा न पहुंचाया जा सके, इसलिए पूरा सर्वे जीपीएस से कनेक्ट है। टीम अपने साथ लाई चिह्नित वार्डों की सूची के आधार पर सर्वे कर रही है। मंगलवार को टीम बड़ागांव गेट बाहर पहुंची। यहां पहुंचने के बाद टीम के सदस्य जीपीएस से कनेक्ट हुए और कंफर्म हो गया कि यही बड़ागांव गेट बाहर है, इसके बाद उन्होंने गुदरी में शौचालय की स्थिति देखी। टीम के पास शौचालयों की पूरी सूची है, जिसमें से वह रेंडम जांच कर रहे हैं कि वास्तव में शौचालयों पर कितना काम हुआ है। टीम ने हंसारी टपरियन, उन्नाव गेट, अलीगोल क्षेत्र में भी शौचालय देखे। इसके बाद बड़ा बाजार की सफाई जांची। लहरगिर्द द्वितीय, मसीहागंज, हंसारी गिर्द द्वितीय बिजौली का भ्रमण कर टीम ने शौचालयों के अधूरे पड़े गड्ढे देखे और लोगों से बातचीत की।
टीम ने सीपरी बाजार में दुकानदारों से सफाई के बारे में पूछा। बार- बार कुरेद कर पूछा गया तो दुकानदारों ने बताया कि सप्ताह में नियमित रूप से सफाई होती है। टीम के सदस्यों ने इसे लाइव शूट किया। आसपास के फोटोग्राफ लेकर उन्हें अपलोड किया। दुकानदारों से मंत्रालय में बैठे लोगों की बात कराई गई।
यह है निरीक्षण का आधार
टीम सर्वे के दौरान देख रही है कि शौचालय में बिजली की सुविधा है या नहीं, वेंटिलेशन है या नहीं, महिला और पुरुष शौचालय अलग- अलग हैं या नहीं, यदि हैं तो उन्हें अलग- अलग इंगित किया गया है या नहीं। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन हो रहा है या नहीं, गीला कचरा और सूखा कचरा अलग- अलग कर उठाया जा रहा है या एक साथ, व्यक्तिगत व सामुदायिक शौचालयों की क्या स्थिति है, खुले में शौच जाने के प्रति लोगों का क्या नजरिया है।