झांसी। बीआईईटी के केमिकल इंजीनियरिंग ब्रांच को एनबीए (नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडिटेशन) प्रमाणपत्र मिल गया है। इसके साथ ही यह ब्रांच प्रदेश के शीर्ष तीन विभागों में शामिल हो गई है। संस्थान प्रमाणपत्र पाने के लिए पिछले एक साल से लगातार प्रयास कर रहा था। अब उसे सफलता प्राप्त हो गई है। इसके साथ ही, अनुदान समेत कई सुविधाएं मिलने लगेंगी।
बीआईईटी के निदेशक प्रो. विनोद कुमार त्यागी ने बताया कि रसायनिक अभियांत्रिकी विभाग को अगले तीन वर्ष के लिए नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडिटेशन प्रमाणपत्र मिला है। शुक्रवार को पत्र प्राप्त में कहा गया कि रसायनिक अभियांत्रिकी विभाग टियर वन वाशिंगटन एकॉर्ड के मानकों के अनुरूप होने का प्रमाण है। संस्थान के रसायनिक अभियांत्रिकी विभाग का स्वत: नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडिटेशन की टीम ने आईआईटी दिल्ली के प्रोफेससर की अध्यक्षता में 15, 16 फरवरी को निरीक्षण किया गया था, जिसके आधार पर ये प्रमाणपत्र मिला है। इससे न केवल संस्थान का रसायनिक अभियंत्रिकी विभाग प्रदेश के शीर्ष तीन विभागों में शामिल हुआ, बल्कि पढ़ने वाले छात्रों की डिग्री को विश्व भर में मान्यता प्राप्त हो जाएगी। इससे अमेरिका, खाड़ी एवं विश्व भर के देशों में नौकरी करना और पढ़ना आसान हो जाएगा। एक्रीडिटेशन का पर्याय ये है कि जिस विभाग को यह मिलता है, वह यह साबित करता है कि यहां के पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी हैं। साथ ही, यह भी जानकारी दी कि विभाग डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी के अंतर्गत आने वाले संस्थानों में एकमात्र केमिकल इंजीनियरिंग विभाग है, जिसे ये उपलब्धि प्राप्त हुई है। निदेशक ने इसका श्रेय संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर के अध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता को उनके सहयोग के लिए दिया। केमिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. अजय देवीदास हिवारकर ने कहा कि ये कार्य उनके विभाग के छात्रों के बिना संभव नहीं हो सकता था।