नजरबंद किए गए किसान नेता, घरों पर फहराया काला झंडा
झांसी। कृषि कानून में संशोधन के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के छह माह बाद भी सुनवाई न होने से नाराज किसानों ने आज देशव्यापी प्रदर्शन का एलान किया था। इसे देखते हुए झांसी में पुलिस पहले से ही सतर्क हो गई। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन समेत जनपद के कई किसान नेताओं के घर पुलिस भोर में ही पहुंच गई और उनको नजरबंद कर दिया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन के सिविल लाइन स्थित आवास पर सीओ सिटी राजेश सिंह, नवाबाद इंस्पेक्टर समेत पुलिस बल सुबह ही पहुंच गया और उनको घर से बाहर नहीं निकलने दिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री को नजरबंद किए जाने की सूचना पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। पुलिस ने यहां से सभी को खदेड़ दिया। पूर्व मंत्री की पुलिस से झड़प भी हुई। दोपहर को एसीएम ने पूर्व मंत्री के आवास पर पहुंचकर ज्ञापन लिया। ज्ञापन के जरिए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने तत्काल कृषि संशोधन वापस लेने की मांग की। पूर्व मंत्री प्रदीप जैन ने कानून के खिलाफ घर पर ही काला झंडा फहराया। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अरविंद वशिष्ठ, प्रदेश महासचिव राहुल रिछारिया को भी पुलिस ने घर पर नजरबंद कर दिया। प्रदेश महासचिव राहुल रिछारिया ने कहा किसानों को लेकर सरकार असंवेदनशील हो चुकी। सरकार हर मोर्चा पर विफल साबित हो चुकी है। इस दौरान आकाश पाराशर, सरला भदौरिया, शेखर नलवंशी, हैदर अली, मनीष रायकवार आदि मौजूद रहे। उधर, भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने आंदोलन के समर्थन में अपने घरों में काला झंडा फहराया। अध्यक्ष कमलेश लंबरदार, अवधेश लंबरदार, अविनाश भार्गव, लक्ष्मीप्रसाद तिवारी, अनूप पाठक, बृजेश श्रीवास, गोविंद पांचाल, मिथेलश आदि ने घरों पर काला झंडा फहराकर कृषि संशोधन का विरोध किया। किसान रक्षा पार्टी के अध्यक्ष गौरीशंकर विदुआ के आवास पर भोर में ही पुलिस पहुंच गई। उनको घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया। इसको लेकर किसान नेता की पुलिस से भी नोकझोंक हुई। उन्होंने भी ज्ञापन के जरिए केंद्र सरकार से तत्काल कृषि संशोधनों को वापस लेने की मांग की।
स्टेशन पर सतर्क रही पुलिस
झांसी। किसानों के प्रदर्शन को लेकर पुलिस खासी अलर्ट रही। रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी ने चेकिंग अभियान चलाया। साथ ही स्टेशन के गेट पर मुस्तैद रहकर नजर रखी। इस दौरान तमाम पुलिसकर्मी मौजूद रहे।