झांसी। महानगर में विकास कार्यों के लिए तय किया गया 344 करोड़ रुपये का बजट सवालों के बीच फंसकर रह गया है। पार्षदों के सवालों को लेकर अफसरों ने मंथन शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि मंगलवार या बुधवार को फिर से बैठक बुलाई जा सकती है।
नगर निगम में बीते बुधवार को शुरू हुई कार्यकारिणी समिति की बैठक में महानगर के विकास के लिए 344 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया जाना था। इस दौरान दो दिन चली बैठक में पार्षदों के सवालों में अफसर उलझे रहे। वहीं अफसरों की ड्यूटी का हवाला देकर बैठक को टाल दिया गया। ऐसे में महानगर में विकास कार्यों के लिए तय किया गया बजट अब तक उलझा हुआ है। इसके चलते महानगर में विकास कार्य ठप पड़े हैं। बैठक में बजट मंजूर न होने से कामों को शुरू करने की स्थिति तय नहीं हो पा रही है। बताया जाता है कि पहले से ही बजट की मंजूरी में दो महीने की देरी हो चुकी है। ऐसे में अब और अधिक देरी से मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ऐसे में अफसरोें की कोशिश है कि जल्द से जल्द दोबारा बैठक कराकर बजट को मंजूर करा लिया जाए। चर्चा है कि ईद के तुरंत बाद बैठक फिर से बुलाई जा सकती है। इसे लेकर अफसर पार्षदों के सवालों के जवाब खोजे जा रहे हैं। साथ ही बैठक से गायब रहने वाले अफसरों को भी उपस्थित रहने के निर्देश दे दिए गए हैं। उधर पार्षदों का कहना है कि बैठक में पहले सवालों को लेकर चर्चा होगी। पार्षद विकास खत्री का कहना है कि जनता के हित में ही सवाल उठाए गए हैं, जिसका अफसरों को जवाब देना चाहिए। जनता हमसे सवाल करती है।