झांसी। महानगर में लगे विद्युत पोल पर अब होर्डिंग या बोर्ड लगाना महंगा होगा। नगर निगम अपनी आय में बढ़ोतरी करने के लिए पोल पर लगने वाले बोर्ड और विज्ञापनों से शुल्क वसूलने के लिए तैयारी कर रहा है। निगम ने महानगर में लगे पोलों का सर्वे कराया है। साथ ही विज्ञापन प्रक्रिया की निगरानी के लिए महानगर को चार जोन में बांटा गया है। नगर निगम क्षेत्रवार टेंडर भी कराने की तैयारी में है।
महानगर में विज्ञापन और होर्डिंग के लिए यूनीपोल, कैंटीलीवर लगाए गए हैं। इनके जरिए नगर निगम हर साल दो करोड़ रुपये की आय होती है। इसके साथ ही महानगर में लगे विद्युत और स्ट्रीट लाइट के पोल पर विज्ञापन एजेंसियां मनमाने तरीके से बोर्ड और विज्ञापन लगा देती हैं। इसे लेकर आए दिन नगर निगम में शिकायतें पहुंचती हैं। कोरोना काल में नगर निगम को शासन स्तर से बजट कम मिल रहा है। इसे लेकर नगर निगम आय बढ़ाने पर मंथन कर रहा है। जिसके तहत महानगर में लगे पोल पर विज्ञापन करने का शुल्क भी वसूल करने की योजना बनाई गई है। मार्गप्रकाश विभाग द्वारा किए गए सर्वे में महानगर के डिवाइडरों पर 850 पोल और सभी वार्डों में करीब दो हजार पोल सामने आए हैं। नगर निगम ने विज्ञापन के लिए महानगर को चार जोन में बांटा है। बताया जाता है कि हर जोन के पोल और अन्य विज्ञापनों के लिए टेंडर कराकर विज्ञापन शुल्क लिया जाएगा। अपर नगर आयुक्त शादाब असलम ने बताया कि पोल का सर्वे कराया गया है। जिसके जरिए विज्ञापनों से आय बढ़ाई जाएगी।
गृहकर वसूली पर भी जोर
नगर आयुक्त का गृहकर वसूली पर भी जोर है। नगर आयुक्त अवनीश राय ने कर विभाग के अफसरों को शत प्रतिशत वसूली करने के लिए कहा है। उन्होंने निर्देश जारी किए हैं कि कर संग्रहकर्ताओं को हैंडहेल्ड मशीन दी गई है। हर संग्रहकर्ता को रोज 20 घरों से गृहकर वसूल करना अनिवार्य है। इसके साथ ही दुकानों के किराये की वसूली के लिए अपर नगर आयुक्त ने चार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को जिम्मा सौंपा है।