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नगर निगम ने 52 जगहों के लाइसेंस दिए, 108 जगह खड़े कर दिए यूनीपोल

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झांसी। महानगर में काम कर रही एक विज्ञापन एजेंसी ने नगर निगम को लाखों रुपये का चूना लगा दिया है। नगर निगम ने विज्ञापन एजेंसी को 52 जगहों पर यूनीपोल और कैंटीलीवर लगाने का लाइसेंस दिया, लेकि न एजेेंसी ने 108 जगहों पर यूनीपोल और कैंटीलीवर खड़े कर दिए। पिलर समेत भारी-भरकम पोलों पर अवैध रूप से लगाए गए यूनीपोल और कैंटीलीवर निगम अधिकारियों को नजर ही नहीं आ रहे हैं। ऐसे में महानगर को सुंदर बनाने के दावे पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अमर उजाला ने यूनीपोल और कैंटीलीवरों की पड़ताल की, तो चौंकाने वाले हालात सामने आए।
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नगर निगम ने इलाइट चौराहे से कानपुर रोड तक यूनीपोल और कैंटीलीवर लगाने के लिए 31 स्थानों के लाइसेंस दिए हैं। पड़ताल में सामने आया कि इस पूरे मार्ग पर 55 यूनीपोल और कैंटीलीवर खड़े हुए हैं। इस मार्ग और चौराहे से रोज जिला प्रशासन और नगर निगम के बड़े अधिकारी गुजरते हैं, लेकिन किसी को यह नजर ही नहीं आ रहे हैं। इलाइट चौराहे से ग्वालियर रोड हवाई पट्टी तक निगम ने 11 यूनीपोल और कैंटीलीवर लगाने की अनुमति दी हुई है, लेकिन इस पूरे मार्ग पर 24 यूनीपोल और कैंटीलीवर लगे हैं। निगम ने जिस जगह पर एक यूनीपोल या कैंटीलीवर लगाने की अनुमति दी थी, उस जगह पर विज्ञापन एजेंसी ने दो-दो लगा दिए। इलाइट चौराहे से शिवपुरी बाईपास तक भी यूनीपोल और कैंटीलीवर की भरमार है। यहां पर नगर निगम ने 10 जगहों के लिए लाइसेंस दिए हैं, लेकि न इस पूरे मार्ग पर 29 यूनीपोल और कैंटीलीवर खड़े हुए हैं। चौराहों को यूनीपोल और कैंटीलीवर से पाट दिया गया है, लेकिन अधिकारियों को यह नजर नहीं आ रहा है।
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अन्य मार्गों का भी यही हाल
शहर के प्रमुख तीन मार्गों पर विज्ञापन एजेंसियों ने मनमाने तरीके से यूनीपोल और कैंटीलीवर लगा रखे हैं। इसके अलावा महानगर के तमाम प्रमुख मार्गों का हाल भी कुछ ऐसा ही है। जेल चौराहे से बिजौली, इलाइट से खंडेराव गेट, चित्रा चौराहे से खंडेराव गेट समेत तमाम मार्गों पर मनमाने तरीके से विज्ञापन पट लगाए गए हैं।
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लगाई 40 लाख की चपत
विज्ञापन एजेंसी हर साल निगम को लाखों रुपये का चूना लगा रही है। नगर निगम से किए गए अनुबंध के मुताबिक विज्ञापन एजेंसी को यूनीपोल और कैंटीलीवर का प्रीमियम 41 हजार रुपये और 80 रुपये स्क्वायर फीट की दर से दोनों ओर का विज्ञापन का शुल्क देना होता है। एक यूनीपोल और कैंटीलीवर का नगर निगम को 73000 रुपये दिया जाना है, लेकिन विज्ञापन एजेंसी अवैध तरीके से यूनीपोल और कैंटीलीवर लगाकर करीब 40 लाख रुपये का चूना लगा रही है। बताया जाता है विज्ञापन एजेंसी का अनुबंध इसी माह समाप्त हो रहा है। सूत्र बताते हैं कि निगम में काम कर रही विज्ञापन कंपनी सत्ता के एक बड़े नेता के इशारे पर काम कर रही है।
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पार्षद कहते हैं
विज्ञापन एजेंसियां नगर निगम का लाखों रुपये का नुकसान कर रही हैं। अधिकारियों की शह पर पूरा खेल चल रहा है। इसका विरोध किया जाएगा। इसकी जांच की मांग की जाएगी।- प्रदीप नगरिया, पार्षद
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पहले यह मामला सदन में उठाया गया था। फिर इसे उठाएंगे। साथ ही अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। कार्रवाई न हुई, तो धरने पर बैठूंगा।- दिनेश प्रताप बंटी राजा, पार्षद
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