झांसी। जनपद में घटिया तेल की मिलावट करके सरसों का तेल बेचा जा रहा है। अमर उजाला के अभियान के दौरान बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर में एफडीए की जांच में सबसे ज्यादा सरसों के तेल के नमूने फेल हो गए। इसके अलावा पिसी धनिया, दाल और गुड़ चीनी के पाउडर के नमूनों में भी हानिकारक सिंथेटिक रंग मिला।
मिलावट के खिलाफ अमर उजाला ने जंग छेड़ी हुई है। एफडीए के सहयोग से शुरू किए गए इस अभियान में लगातार खाद्य पदार्थों के नमूने फेल हो रहे हैं। मंगलवार को एफडीए की मोबाइल वैन बीयू के आवासीय परिसर पहुंची और 77 नमूनों की जांच की। इसमें दूध के सबसे ज्यादा 22, सरसों के तेल और मसाले के 13-13, दाल के 10, घी के चार, चावल व चीनी के दो-दो के अलावा गुड़ चीनी के पाउडर, खड़ी सरसों, पेठा, पेड़ा के नमूने भी जांचे गए। सहायक आयुक्त खाद्य हरिमोहन श्रीवास्तव ने बताया कि सरसों के तीन नमूने जांच में फेल मिले। इसमें घटिया तेल मिलाकर बिक्री की जा रही है, जो कि सेहत के लिए बहुत नुकसानदेह है।
वहीं, पिसा धनिया, अरहर की दाल, गुड़ चीनी के एक-एक नमूने फेल हो गए। इनमें सिंथेटिक रंग मिलाया गया है। इससे लिवर, किडनी को नुकसान पहुंच सकता है। एफडीए की जांच टीम में वरिष्ठ खाद्य विश्लेषक डॉ. अनूप चंद्र, विश्लेषक अजय प्रताप सिंह, विनोद सिंह, अमित बाथम, अभिषेक जैन, संजय कश्यप के अलावा प्रो. आरके सैनी, डॉ. विनीत कुमार, डॉ. संतोष पांडेय, डॉ. चित्रा सिंह, डॉ. एपीएस गौर, इं. बृजेश लोधी, डॉ. प्रशांत मिश्रा, डॉ. बलवीर आदि मौजूद रहे।