झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश (द्रुतगामी न्यायालय) सुशील कुमार चतुर्थ की न्यायालय ने हत्या का दोष सिद्घ होने पर अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने पचास हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजय कुमार पांडेय के अनुसार थाना गरौठा के केदारताई निवासी सियाराम ने थाने में तहरीर देते हुए बताया था कि 12 मार्च 2013 को उसके भाई संतराम के पुत्र विनोद की शादी थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। रात करीब 12.30 बजे दो-तीन लोग घर में घुस आए। घर की महिलाओं से लूटपाट करने लगे। आवाज लगाने पर भाग निकले। पकड़ने के लिए घर के लोगों ने पीछा किया। पीछा करते समय छोटे भाई संतराम को गोली मार दी। इसके बाद उपचार से पहले उनकी मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया था। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। बृहस्पतिवार को अभियुक्त महेंद्र उर्फ गिलन को दोष मुक्त पाते हुए अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने पचास हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।