सेंट ज्यूड्स चर्च परिसर में मरे मिले कौवे।
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बर्ड फ्लूू की दस्तक झांसी तक भी पहुंच गई। बृहस्पतिवार को नगरा स्थित सेंट जूड चर्च परिसर के समीप रहस्यमयी तरीके से दस से ज्यादा कौवे मृत पाए गए। अचानक इतने पक्षियों के मरने की सूचना पर पशुपालन विभाग भी अलर्ट मोड पर आ गया। मृत कौवों को परीक्षण के लिए भेज दिया गया। वहीं, देशव्यापी एलर्ट को देखते हुए जनपद स्थित सभी पोल्ट्री फार्म्स में सर्तकतता बढ़ा दी गई है।
मध्य प्रदेश के कुछ जनपदों में पिछले कई दिनों से रहस्यमयी तरीके से कौवे के मरने की खबरें आ रही हैं। इनमें इंदौर में मृत कौवों में बर्ड फ्लूू की पुष्टि भी हुई है। मप्र की सीमा से सटे होने के नाते झांसी में सतर्कता बढ़ा दी गई। बृहस्पतिवार सुबह सेंट जूड चर्च परिसर के समीप अचानक दस से ज्यादा कौवे मृत पाए गए। आसपास के लोगों में एक साथ इतने कौवों को मृत देखकर हड़कंप मच गया। इसकी सूचना मुख्य पशुचिकित्साधिकारी को दी गई। थोड़ी ही देर में टीम भी वहां पहुंच गई। टीम ने इसे परीक्षण के लिए भिजवा दिया।
झांसी के डीएम के मुताबिक जिले के एक स्कूल में कम से कम 4 कौवे मृत पाए गए हैं। उनके सैंपल जांच के लिए भेज दिये गए हैं। इन्फ्लूएंजा और बर्ड फ्लू का मामला नहीं निकला है। संभवतः उनकी मौत सर्दी के कारण हुई है।
मृत मिले कौवों में बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं मिले हैं। बर्ड फ्लू प्रभावित कौवों में आंखों के पास सूजन समेत शरीर से फ्लूड निकलता है लेकिन, यहां मरे कौवे में यह लक्षण नहीं मिले। ठंड से इन पक्षियों की मौत हुई है।
-डा.वाईके तोमर, अपर मुख्य पशुचिकित्साधिकारी
पोल्ट्री फार्म में बढ़ाई गई सतर्कता
जनपद में पचास से अधिक छोटे बड़े पोल्ट्री फार्म हैं। बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए इन सभी की निगरानी बढ़ा दी गई है। पशुपालन विभाग की ओर से एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। सभी पोल्ट्री फार्म संचालकों को अचानक से अधिक संख्या में पक्षियों के मरने पर तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। अपर पशुचिकित्साधिकारी का कहना है कि अभी मुर्गे-मुर्गियों में वैक्सीनेशन कराने के निर्देश नहीं मिले हैं। खतरा अभी उस स्तर का नहीं है। इस वजह से दूसरे प्रदेशों से आने-वाले पोल्ट्री पर भी रोक नहीं है।